नशे की ‘लत’ पर पुलिस की ‘चोट’: लैलूंगा पुलिस ने सुखवास में फूंका नशा मुक्ति का शंखनाद…

- पुरानी रंजिश और हत्याओं का जड़ है नशा, अब ‘ऑपरेशन आघात’ से टूटेगी तस्करों की कमर : थाना प्रभारी गिरधारी साव
रायगढ़। समाज को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में रायगढ़ पुलिस अब सीधे गांवों की चौपाल तक पहुँच रही है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के ‘नशा मुक्त रायगढ़’ के संकल्प को जमीन पर उतारते हुए लैलूंगा थाना प्रभारी ने ग्राम सुखवास में ग्रामीणों के बीच हुंकार भरी। उन्होंने दो टूक कहा कि नशा केवल शरीर नहीं, बल्कि हंसते-खेलते परिवार और सामाजिक ताने-बाने को भी तबाह कर देता है।
सुखवास की चौपाल से उठी बदलाव की गूँज : कार्यक्रम में थाना प्रभारी गिरधारी साव ने सुखवास में पूर्व में हुई तीन हत्याओं का दर्दनाक जिक्र करते हुए ग्रामीणों को आईना दिखाया। उन्होंने बताया कि किस तरह छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवाद नशे की वजह से जघन्य अपराध में बदल जाते हैं।
खबर की बड़ी बातें :
- ऑपरेशन आघात : अवैध शराब, गांजा और नशीली दवाओं के सौदागरों को सीधी चेतावनी। अब जेल ही उनका ठिकाना होगा।
- आधी आबादी का संकल्प : गांव की महिला समूहों ने पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर गांव को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली।
- साइबर कवच : ग्रामीणों को डिजिटल डकैतों (Cyber Criminals) से बचने के गुर सिखाए गए। ओटीपी और अनजान लिंक से दूरी बनाने की सलाह दी गई।
“नशा समाज और परिवार का दुश्मन है। अवैध नशे के कारोबारियों पर हमारी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सुरक्षित समाज के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है।”
शशि मोहन सिंह, एसएसपी, रायगढ़
200 ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा- ‘नशा छोड़ेंगे, समाज जोड़ेंगे’ : इस जागरूकता कार्यक्रम में 200 से अधिक ग्रामीणों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि जनता अब बदलाव चाहती है। थाना प्रभारी ने अपील की कि नशे के कारोबार में शामिल लोग मुख्यधारा में लौटें, वरना कानून का शिकंजा कसने में देर नहीं लगेगी।




