पिता की मौत पर टिप्पणी पड़ी भारी : ईंटों से कुचलकर युवक को जिंदा जलाया, रायगढ़ पुलिस ने हत्यारे को दबोचा…

रायगढ़। जिले के मौहापाली में हुई शिव प्रसाद पटेल की नृशंस हत्या की गुत्थी को रायगढ़ पुलिस ने सुलझा लिया है। महज एक विवाद और पिता की मौत पर की गई टिप्पणी से आक्रोशित होकर दो दोस्तों ने मिलकर अपने ही साथी को मौत के घाट उतार दिया। एसएसपी शशि मोहन सिंह के कड़े रुख के बाद खरसिया पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
दोस्ती में दगा : शराब, कबाब और फिर खूनी खेल : घटना 16 फरवरी की रात की है। चपले निवासी शिव प्रसाद पटेल (36 वर्ष) अपने मामा के घर मौहापाली आया हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि रात में वह निलेश डेंजारे उर्फ निले और कृष्णा सोनवानी उर्फ गंगाराम के साथ बैठकर पार्टी कर रहा था। इसी दौरान शिव प्रसाद ने निलेश के दिवंगत पिता को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
यह टिप्पणी निलेश को इतनी नागवार गुजरी कि उसने कृष्णा के साथ मिलकर शिव प्रसाद पर ईंट और मुक्कों की बरसात कर दी। आरोपियों ने उसे अधमरा करने के बाद जिंदा जलाने की कोशिश की।
CCTV फुटेज ने खोला राज : घटना के बाद घायल शिव प्रसाद को मेडिकल कॉलेज रायगढ़ ले जाया गया, जहाँ 17 फरवरी को उसने दम तोड़ दिया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। चौकी प्रभारी अमित तिवारी की टीम ने जब इलाके के CCTV खंगाले, तो मृतक आखिरी बार निलेश और कृष्णा के साथ दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी निलेश डेंजारे (25 वर्ष) को रायगढ़ से धर दबोचा।
आरोपी ने बनाया था तड़पते हुए युवक का वीडियो : पूछताछ में रूह कंपा देने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी निलेश ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि मारपीट के बाद उसने अपने मोबाइल से तड़पते हुए शिव प्रसाद का वीडियो भी बनाया था। पुलिस ने आरोपी के पास से:
- वारदात में प्रयुक्त ईंट
- घटना के वक्त पहने खून से सने कपड़े
- आरोपी का मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
एसएसपी का सख्त अल्टीमेटम : आरोपी निलेश को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है:
“हत्या जैसे जघन्य अपराध करने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। एक आरोपी पकड़ा जा चुका है, फरार आरोपी कृष्णा सोनवानी को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। कानून अपना काम पूरी सख्ती से करेगा।”
कार्यवाही में शामिल टीम : एसडीओपी प्रभात पटेल, निरीक्षक अमित तिवारी, प्रधान आरक्षक मनोज मरावी, आरक्षक साविल चंद्रा और डमरूधर पटेल।




