CEO का ‘एक्शन अवतार’ : घटिया निर्माण और ड्यूटी से गायब रहने वालों पर बरसी बिजली…

कोरबा। जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग के औचक निरीक्षण से शुक्रवार को ब्लॉक में हड़कंप मच गया। विकास कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाते हुए सीईओ ने एक साथ कई अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को निशाने पर लिया है।
इन पर गिरी गाज : लापरवाही की लिस्ट लंबी – निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी और कार्यस्थल से नदारद रहने के कारण निम्नलिखित पदों पर नोटिस जारी किया गया है:
- RES SDO : तकनीकी सुपरविजन में कमी और मॉनिटरिंग में ढिलाई के लिए।
- सब इंजीनियर (Sub Engineer) : कार्यस्थल से गायब रहने और घटिया निर्माण कार्य की अनदेखी पर।
- ग्राम सचिव (Gram Panchayat Secretary) : पंचायत स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण और गुणवत्ता सुनिश्चित न कर पाने के कारण।
- सरपंच (Sarpanch) : निर्माण कार्य की जिम्मेदारी और एजेंसी के रूप में विफल रहने पर।
- ठेकेदार (Contractor) : महतारी सदन निर्माण में मानकों का उल्लंघन करने पर।
प्रमुख कार्रवाई और CEO के कड़े तेवर :
आंगनबाड़ी निर्माण में ‘खेल’ उजागर: कोरबी और झिनपुरी में बन रहे आंगनबाड़ी भवनों की जांच में पाया गया कि निर्माण में निर्धारित तकनीकी मापदंडों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सीईओ ने स्पष्ट किया कि “तकनीकी डिजाइन से समझौता यानी सीधे कार्रवाई।”
गायब इंजीनियर्स पर सख्त प्रहार : तानाखार में जब सब इंजीनियर मौके से गायब मिले, तो सीईओ नाग ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर जिम्मेदार लोग मौके पर ही नहीं रहेंगे, तो गुणवत्ता की गारंटी कौन लेगा?
31 मार्च का ‘अल्टीमेटम’ : सीईओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिला खनिज न्यास (DMF) और अभिशरण मद से बन रहे सभी भवनों का काम 31 मार्च तक पूर्ण होना चाहिए। देरी होने पर गाज गिरना तय है।
शिक्षा और पोषण पर भी पैनी नजर : सिर्फ निर्माण ही नहीं, सीईओ ने स्कूलों में पहुंचकर मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) की क्वालिटी जांची और शिक्षकों की उपस्थिति का मिलान किया। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण और शिक्षा में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्राउंड रिपोर्ट : निरीक्षण के दौरान आरईएस ईई अशोक जोगी और जनपद सीईओ जयप्रकाश डड़सेना सहित पूरी टीम मौजूद रही। इस कार्रवाई ने पूरे ब्लॉक के लापरवाह अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।




