रायगढ़ पुलिस का ‘हंटर’: क्रिकेट सट्टे के सेफ हाउस पर आधी रात छापा, दो सटोरिये दबोचे, एक फरार…

रायगढ़। जुआ और सट्टे के अवैध कारोबार के खिलाफ एसएसपी शशि मोहन सिंह के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान ने सटोरियों की कमर तोड़ दी है। चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बोईरदादर इंडस्ट्रियल एरिया में चल रहे एक हाई-प्रोफाइल सट्टा ठिकाने को ध्वस्त करते हुए दो सट्टा खाईवालों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
फिनाइल फैक्ट्री में चल रहा था ‘सट्टे का खेल’ – पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि श्याम फिनाइल उद्योग के भीतर एक गुप्त कमरे में क्रिकेट वर्ल्ड कप के तहत चल रहे इंग्लैंड बनाम इटली मैच पर दांव लगवाया जा रहा है। एसएसपी के निर्देश पर साइबर सेल और थाना चक्रधरनगर की टीम ने घेराबंदी कर जब फैक्ट्री के अंदर धावा बोला, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए।
वहां विकास अग्रवाल (उर्फ फुन्नू) और विनय अग्रवाल तीन मोबाइल फोन के जरिए धड़ल्ले से ऑनलाइन लाइन ले रहे थे। पुलिस ने मौके से आरोपियों को दबोच लिया, जबकि इनका एक मुख्य साथी गगन अग्रवाल (निवासी खरसिया) अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा।
आईफोन और वन-प्लस के जरिए ‘कनेक्शन’ – पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- नकदी: ₹2,000 (तात्कालिक बरामदगी)
- हैंडसेट: 3 प्रीमियम मोबाइल फोन (iPhone, OnePlus और Oppo)
- कुल जब्ती: ₹82,000 की संपत्ति।
जांच में पता चला कि आरोपी इन महंगे फोन का इस्तेमाल सट्टा वेबसाइट्स को ऑपरेट करने और सट्टा खेलने वालों के संपर्क में रहने के लिए कर रहे थे।
छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज – पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 52/2026 धारा 7 (छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया है। फरार आरोपी गगन अग्रवाल की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
⚡ एसएसपी की सीधी चेतावनी : “बख्शा नहीं जाएगा” – कार्रवाई के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने कड़े लहजे में कहा:
“जिले में ऑनलाइन सट्टा या किसी भी प्रकार का अवैध जुआ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध कारोबार में संलिप्त हर अपराधी पुलिस के रडार पर है। कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इनके पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जाएगा।”
टीम की सफलता : इस बड़ी छापेमारी में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक नसिर खान, चक्रधरनगर थाना प्रभारी गेंद लाल साहू समेत उनकी पूरी टीम (श्याम देव साहू, राजेश पटेल, प्रशांत पंडा आदि) ने अहम भूमिका निभाई।




