सावधान! शिक्षा के मंदिर में ‘फर्जी’ अधिकारियों का धावा : छात्रों को डराया, सरकारी रिकॉर्ड लेकर हुए फरार, शिकायत दर्ज…

घरघोड़ा (रायगढ़): छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ दो युवकों द्वारा खुद को जाँच अधिकारी बताकर एक प्राथमिक शाला में घुसने और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज चोरी करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद से शिक्षा विभाग और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

क्या है पूरा मामला? – शासकीय प्राथमिक शाला ‘फिटिंगपारा’ (कुडुमकेला) के प्रधान पाठक धर्मेंद्र सिंह ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि वह 19 जनवरी को न्यायालय के काम से छुट्टी पर थे। इसी दौरान दो युवक, जिनकी पहचान गुरुनाम सिंह और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है, स्कूल परिसर में दाखिल हुए।
दहशत और दबाव का खेल : आरोप है कि इन तथाकथित ‘अधिकारियों’ ने स्कूल पहुँचकर:
- छात्रों की कॉपी से पन्ने फाड़कर ग्रामीणों से कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए।
- नन्हें छात्रों पर दबाव बनाया और मोबाइल कैमरे के सामने उनसे झूठे बयान दिलवाए।
- स्कूल की छात्र उपस्थिति पंजी, शिक्षक उपस्थिति पंजी और मध्याह्न भोजन पंजी जैसे महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड अपने साथ लेकर फरार हो गए।
तस्वीरों से हुई आरोपियों की पहचान : अगले दिन जब प्रधान पाठक स्कूल पहुँचे, तो स्कूल समिति के अध्यक्ष लक्ष्मी मांझी और पंच हिरोन्दीलाल ने उन्हें आपबीती सुनाई। प्रधान पाठक ने जब संदिग्धों की तस्वीरें दिखाईं, तो बच्चों और ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें पहचान लिया।
कानूनी कार्रवाई की मांग : सरकारी कार्य में बाधा डालने, फर्जी अधिकारी बनकर डराने-धमकने और शासकीय रिकॉर्ड चोरी करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की गुहार लगाई गई है। पत्र की प्रतियाँ खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को भी भेजी गई हैं।
“यह केवल रिकॉर्ड की चोरी नहीं, बल्कि मासूम बच्चों के भविष्य और सरकारी मर्यादा के साथ खिलवाड़ है। ऐसे जालसाजों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
स्थानीय ग्रामीणों का स्वर




