नाबालिग से दरिंदगी और खुदकुशी के लिए उकसाने वाला आरोपी गिरफ्तार: सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई…

सरगुजा। रिश्तों को शर्मसार करने और एक मासूम जिंदगी को मौत के घाट उतारने वाले आरोपी उमेश यादव को बतौली पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। ‘शादी का झांसा, दुष्कर्म और फिर दगाबाजी’—इस खौफनाक दास्तान का अंत एक नाबालिग की आत्महत्या के साथ हुआ, जिस पर पुलिस ने कड़ा प्रहार करते हुए आरोपी को धर दबोचा है।
क्या है पूरा मामला? – बतौली थाना क्षेत्र के मुर्ताडांड की एक नाबालिग बालिका ने पिछले दिनों फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने जब मामले की तहकीकात की, तो रूह कंपा देने वाली सच्चाई सामने आई। आरोपी उमेश कुमार यादव (24 वर्ष) ने पीड़िता को नाबालिग जानते हुए भी उसे शादी का प्रलोभन देकर अपनी हवस का शिकार बनाया। जब नाबालिग ने शादी का दबाव बनाया, तो आरोपी ने साफ इनकार कर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से टूटकर पीड़िता ने आम के पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली।
पुलिस की सख्त घेराबंदी और गिरफ्तारी – मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया। थाना बतौली में आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 65(1), 64(2)(M), 107 सहित पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और SC/ST एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
- जब्ती : पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया है, जिसमें महत्वपूर्ण साक्ष्य होने की संभावना है।
- कार्यवाही : पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी उमेश यादव को गिरफ्तार किया और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।
इन रणबांकुरों ने निभाई अहम भूमिका – पुलिस अधीक्षक के निर्देश और एसडीओपी (सीतापुर) श्री राजेंद्र मंडावी के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम में बतौली थाना प्रभारी विवेक सेंगर, संजय गुप्ता, रविश लकड़ा, अनूप कुजूर, महिला आरक्षक मेरी क्लोरेट तिर्की सहित पूरी टीम की सक्रिय भूमिका रही।
“नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस हर उस शख्स के खिलाफ सख्त है जो कानून की मर्यादा लांघता है।”




