BREAKING – नवा रायपुर का ‘नवागांव’ बना अखाड़ा : बुलडोजर के आगे लेटे ग्रामीण, NRDA की कार्रवाई के खिलाफ जन-प्रतिनिधियों ने खोला मोर्चा…

रायपुर। नवा रायपुर के सेक्टर 27 स्थित नवागांव में आज सुबह उस वक्त भारी तनाव फैल गया, जब ‘नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण’ (NRDA) की टीम भारी पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची। प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों के आक्रोश को भड़का दिया है, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है।
भारी पुलिस बल की तैनाती, गरजा बुलडोजर : प्रशासन की टीम सुबह दलबल के साथ नवागांव पहुंची। जैसे ही अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर (Poclain) ने रफ्तार पकड़ी, ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए और मशीनों के सामने खड़े होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर महिला पुलिस बल और अतिरिक्त सुरक्षा टुकड़ियों को तैनात किया गया है।
जनप्रतिनिधियों का समर्थन, तीखी बहस : यह विरोध केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहा। खबर फैलते ही कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने NRDA की इस कार्रवाई को ‘एकतरफा’ और ‘अमानवीय’ करार दिया है। जनप्रतिनिधियों का तर्क है कि बिना उचित पुनर्वास या ठोस पूर्व सूचना के कड़ाके की ठंड और बारिश के मौसम के बीच इस तरह की कार्रवाई ग्रामीणों के साथ अन्याय है।
मुख्य विवाद की जड़ :
- दावा : NRDA का कहना है कि सेक्टर 27 के इस क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया है, जो मास्टर प्लान में बाधक है।
- विरोध : ग्रामीणों का आरोप है कि वे यहां वर्षों से काबिज हैं और उन्हें उजाड़ने से पहले कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी गई है।
- तनाव : मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस की खबरें आ रही हैं, जिसके कारण काम कई बार रोकना पड़ा।
प्रशासन का रुख : अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है और अवैध कब्जों को मुक्त कराना विकास योजनाओं के लिए अनिवार्य है। फिलहाल, मौके पर अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
मौके की स्थिति: खबर लिखे जाने तक, नवागांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, वहीं प्रशासन अपने कदम वापस लेने के मूड में नहीं दिख रहा है।




