“हनी ट्रैप” का शोर मचाने वाला खुद फंसा कानून के जाल में: डीएसपी पर आरोप लगाने वाले दीपक टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

• पुराने पापों ने नहीं छोड़ा पीछा; 28 लाख की ठगी के मामले में कोर्ट की अवमानना पड़ी भारी…
कोरबा: ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ वाली कहावत छत्तीसगढ़ के हाई-प्रोफाइल डीएसपी ब्लैकमेलिंग कांड में सच साबित होती दिख रही है। दंतेवाड़ा में पदस्थ महिला डीएसपी कल्पना वर्मा पर ‘हनी ट्रैप’ और करोड़ों की वसूली का सनसनीखेज आरोप लगाने वाले होटल कारोबारी दीपक टंडन अब खुद कानून के शिकंजे में बुरी तरह घिर गए हैं।
दूसरों पर उंगली उठाने वाले दीपक टंडन की अपनी फाइलें खुलीं, तो कटघोरा की अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? – डीएसपी पर कीचड़ उछालकर चर्चा में आए दीपक टंडन के खिलाफ यह वारंट किसी नए मामले में नहीं, बल्कि 2015 के एक पुराने ‘पाप’ के लिए जारी हुआ है। मामला कोरबा के दीपका क्षेत्र का है, जहां कोयला आपूर्ति (Coal Supply) के नाम पर 28 लाख रुपये डकारने के बाद टंडन ने हाथ खड़े कर दिए थे। जब पैसे वापस मांगे गए, तो दिए गए चेक बाउंस हो गए।
कोर्ट की अवमानना और वारंट : कटघोरा न्यायालय ने इस धोखाधड़ी के मामले में 12 दिसंबर को दीपक टंडन को तलब किया था। लेकिन डीएसपी पर आरोप लगाने में व्यस्त टंडन ने कोर्ट के नोटिस को नजरअंदाज कर दिया। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए अब उनके खिलाफ सीधा गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
आदतन धोखेबाज है शिकायतकर्ता? – हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस अफसर पर ‘लव ट्रैप’ का आरोप लगाने वाले टंडन का खुद का दामन दागदार है। जांच में उनकी ‘क्राइम कुंडली’ सामने आई है:
- नौकरी के नाम पर ठगी: रायपुर के सिविल लाइन थाने में नगर निगम के राजस्व निरीक्षक (RI) भर्ती परीक्षा का पेपर दिलाने के नाम पर ठगी का मामला दर्ज है।
- कोयला कारोबार में धोखाधड़ी: सक्ती जिले के एक व्यापारी से भी 15 लाख रुपये ठगने का आरोप है, जिसकी शिकायत एसपी ऑफिस में लंबित है।
डीएसपी का पलटवार : “खुद का पैसा मांगने गई थी” – इधर, डीएसपी कल्पना वर्मा ने दीपक टंडन के सारे आरोपों की हवा निकाल दी है। उन्होंने साफ कहा है कि न तो कोई हनी ट्रैप था और न ही कोई रिश्वत। असलियत यह है कि दीपक टंडन ने उनके पिता के 42 लाख रुपये दबा रखे थे। वह सिर्फ अपने पिता की गाढ़ी कमाई वापस मांगने होटल गई थीं, जिसे टंडन ने साजिश का रूप देकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सोशल मीडिया पर डीएसपी के खिलाफ सबूतों का पुलिंदा लेकर घूमने वाले दीपक टंडन पुलिस के वारंट से कैसे बचते हैं। कल तक जो खुद को पीड़ित बता रहे थे, आज वही कानून की नजर में भगोड़े साबित होने की कगार पर हैं।




