ग्रामीण पुलिसिंग की रीढ़ हैं कोटवार : लैलूंगा में बैठक संपन्न, नशामुक्ति की अलख जगाने वाले दो सजग प्रहरी सम्मानित…

रायगढ़। सुदूर ग्रामीण अंचलों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पुलिस व जनता के बीच सेतु का काम करने वाले ग्राम कोटवारों की एक अहम बैठक आज लैलूंगा थाना परिसर में आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन हुआ, बल्कि नशामुक्ति अभियान में मिसाल पेश करने वाले सजग कोटवारों को सम्मानित भी किया गया।
पुलिस की ‘आंख और कान’ हैं कोटवार – बैठक की अध्यक्षता करते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने स्पष्ट किया कि ग्राम कोटवार प्रशासन और पुलिस व्यवस्था का सबसे अभिन्न अंग हैं। वे पुलिस की ‘आंख और कान’ हैं, जिनके सक्रिय सहयोग के बिना ग्रामीण क्षेत्र में अपराध मुक्त समाज की परिकल्पना संभव नहीं है। उन्होंने उपस्थित सभी कोटवारों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का विस्तार से बोध कराया।
इन गतिविधियों पर रहेगी ‘जीरो टॉलरेंस’ – थाना प्रभारी ने सख्त लहजे में निर्देशित किया कि गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि :
- संदेहास्पद गतिविधियां : गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति का आगमन हो या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, उसकी सूचना तत्काल थाने में दी जाए।
- किरायेदारों का सत्यापन : गांव में बसने वाले नए परिवारों और किरायेदारों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाना अनिवार्य है।
- अवैध कारोबार : अवैध शराब, जुआ-सट्टा और नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाने के लिए पुलिस को सटीक सूचना दें।
- महिला सुरक्षा : घरेलू हिंसा, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से जुड़े अपराधों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस को अवगत कराएं।
सजगता का सम्मान : कन्हैया और धनकुंवर बने मिसाल – बैठक का सबसे उत्साहवर्धक क्षण वह रहा जब समाजहित में बेहतरीन कार्य करने वाले कोटवारों को मंच पर बुलाया गया। अपने गांव में नशामुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और पुलिस को सक्रिय सहयोग देने के लिए ग्राम कमरगा के कोटवार कन्हैया चौहान और ग्राम गुड़बहाल की महिला कोटवार श्रीमती धनकुंवर चौहान को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। थाना प्रभारी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट किया और कहा कि इन दोनों कोटवारों का कार्य अन्य सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
नशामुक्ति अभियान में भागीदारी का संकल्प : पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशा ही अधिकांश अपराधों की जड़ है। इसलिए कोटवारों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने गांवों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
बैठक के अंत में थाना प्रभारी ने सभी कोटवारों से अपील की कि वे थाना स्तर पर आयोजित होने वाली बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें ताकि सूचना तंत्र मजबूत बना रहे। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और थाना स्टाफ भी मौजूद रहे। पुलिस ने संदेश दिया कि सतर्कता और जनसहयोग से ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
प्रमुख बिंदु (हाईलाइट्स) :
- आयोजन: थाना परिसर लैलूंगा में ग्राम कोटवारों की बैठक।
- निर्देश: बाहरी व्यक्तियों की निगरानी और अपराध की तत्काल सूचना।
- सम्मान: कोटवार कन्हैया चौहान और श्रीमती धनकुंवर चौहान को प्रशस्ति पत्र।
- उद्देश्य: नशामुक्ति और सुदृढ़ कानून व्यवस्था।




