ब्रेकिंग : भिलाई के स्टील किंग ‘हरिओम इंगोट्स’ पर GST का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 30 घंटे से दस्तावेजों की पड़ताल, करोड़ों की गड़बड़ी की आशंका!…

भिलाई/रायपुर: छत्तीसगढ़ की औद्योगिक राजधानी भिलाई में स्टील और पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी ‘हरिओम इंगोट्स व पावर लिमिटेड’ (Hariom Ingots & Power Ltd.) के किले में जीएसटी (GST) की टीम ने सेंध लगा दी है। सोमवार को शुरू हुआ यह ‘ऑपरेशन क्लीन’ मंगलवार को दूसरे दिन भी बदस्तूर जारी रहा। 7 तेज-तर्रार अफसरों की फौज ने कंपनी के पूरे सिस्टम को अपने ‘कब्जे’ में ले लिया है। प्राथमिक सूचना के अनुसार, जांच की आंच करोड़ों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटालों तक पहुंच सकती है।
दबिश की इनसाइड स्टोरी: ‘मालिक बाहर, अफसर अंदर’ – सूत्रों के मुताबिक, जीएसटी इंटेलीजेंस को लंबे समय से टैक्स चोरी के इनपुट्स मिल रहे थे.
- सोमवार की दोपहर: दो अलग-अलग गाड़ियों में सवार होकर 7 अफसरों की टीम फिल्मी अंदाज में लाइट इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फैक्ट्री पहुंची।
- हड़कंप: अचानक वर्दीधारी और सादे लिबास में अफसरों को देख स्टाफ में खलबली मच गई। गेट बंद कर दिए गए और किसी को भी बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
- मालिक नदारद: मौके पर कंपनी के मालिक मौजूद नहीं थे (शहर से बाहर बताए जा रहे हैं), जिसे देख टीम ने और सख्ती दिखाई और सीधा अकाउंट्स सेक्शन को अपने नियंत्रण में ले लिया।
जांच के केंद्र में क्या है? (The Core Investigation) – जीएसटी टीम महज रूटीन जांच नहीं कर रही, बल्कि यह एक ‘टार्गेटेड रेड’ (Targeted Raid) है। ऑनलाइन डाटा के मुताबिक, कंपनी का टर्नओवर ₹100 से ₹500 करोड़ के बीच है, जो इसे बड़े करदाताओं की श्रेणी में लाता है।
अफसरों का पूरा फोकस तीन प्रमुख बिंदुओं पर है :
- बोगस बिलिंग : क्या माल की सप्लाई के बिना केवल कागजों पर बिल (Fake Invoices) जारी किए गए?
- ITC मिसमैच : इनपुट टैक्स क्रेडिट का क्लेम और वास्तविक खरीद में भारी अंतर की आशंका.
- स्टॉक मिलान : कंप्यूटर में दर्ज स्टॉक और फैक्ट्री में मौजूद कच्चे माल (Ingots/Sponge Iron) में अंतर।
दस्तावेजों का मकड़जाल : रात भर चली ‘स्कैनिंग’ – सोमवार रात भी जीएसटी की टीम कंपनी परिसर में ही जमी रही। खबर है कि बिलों और डिजिटल डेटा का जखीरा इतना बड़ा है कि एक-एक एंट्री को क्रॉस-वेरीफाई करने में पसीने छूट रहे हैं।
- कर्मचारियों से पूछताछ जारी है और उनसे पासवर्ड लेकर सुरक्षित फाइलों को खोला जा रहा है।
- टीम ने कंपनी का प्रोडक्शन बंद नहीं कराया, लेकिन ‘वित्तीय नाकेबंदी’ पूरी तरह कर दी है।
कंपनी का रसूख और अब साख पर बट्टा : हरिओम इंगोट्स भिलाई के रसूखदार औद्योगिक घरानों में गिना जाता है। कंपनी मुख्य रूप से इंगोट्स, टीएमटी बार और पावर जनरेशन के क्षेत्र में है। बाज़ार में इनकी अच्छी पैठ है, लेकिन जीएसटी की इस बड़ी कार्रवाई ने कंपनी की साख (Reputation) पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
आगे क्या? – अभी तक जीएसटी विभाग ने आधिकारिक तौर पर चोरी का आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन जिस पैमाने पर (7 अफसर, 2 दिन) जांच चल रही है, उससे साफ है कि मामला लाखों का नहीं, बल्कि करोड़ों का हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद भारी-भरकम पेनाल्टी और जब्ती की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
भिलाई के उद्योग जगत में सन्नाटा है, और हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है – “अगला नंबर किसका?”




