तमनार के केशरचुवा में पुलिया निर्माण से बदली तस्वीर : अब बारिश में नहीं थमेंगे ग्रामीणों के कदम…

रायगढ़। छत्तीसगढ़ शासन की सुशासन नीति अब वनांचल के दूरस्थ गांवों में विकास की नई इबारत लिख रही है। रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत केशरचुवा में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से निर्मित नई पुलिया ग्रामीणों के लिए ‘विकास की लाइफलाइन’ साबित हो रही है। ₹8 लाख की लागत से तैयार यह पुलिया अब टांगरघाट मार्ग पर बारहमासी आवागमन सुनिश्चित कर रही है।
दशकों की समस्या का हुआ स्थायी समाधान – तमनार मुख्यालय से 25 किमी दूर बसे केशरचुवा गांव की लगभग 2100 की आबादी वर्षों से मानसून के दौरान अलग-थलग पड़ जाती थी। टांगरघाट मार्ग पर स्थित नाले में जलस्तर बढ़ने से आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता था।
- शिक्षा पर असर : स्कूली बच्चों को नाला पार करने में जान जोखिम में डालनी पड़ती थी।
- स्वास्थ्य सेवा : आपातकाल में गर्भवती महिलाओं और मरीजों को अस्पताल ले जाना चुनौतीपूर्ण था।
- आर्थिक क्षति : किसानों और मजदूरों को लंबी दूरी तय कर वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता था।
DMF मद से बुनियादी ढांचे को मजबूती – कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी कड़ी में केशरचुवा की इस पुलिया का निर्माण समय सीमा में पूर्ण किया गया। पुलिया बनने से अब समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
”शासन की इस पहल से हमारे गांव का संपर्क अब कभी नहीं टूटेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार तक पहुंच आसान होने से ग्रामीण जीवन के स्तर में सकारात्मक सुधार दिख रहा है।”
स्थानीय ग्रामीण
केशरचुवा में पुलिया का निर्माण केवल एक ढांचागत विकास नहीं है, बल्कि यह उन 2119 ग्रामीणों के सपनों और जरूरतों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। ग्रामीणों ने इस जनहितैषी कार्य के लिए शासन और प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।




