बड़ी खबर : कवर्धा के स्कूल में ‘काला जादू’, 20 साल पहले मृत बच्चे की फोटो पर तंत्र-मंत्र, इलाके में दहशत…

कवर्धा (पिपरिया): जिले के पिपरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गुढ़ा हायर सेकेंडरी स्कूल का परिसर, जो शिक्षा का मंदिर माना जाता है, आज अंधविश्वास और खौफ का केंद्र बन गया। स्कूल परिसर में एक पेड़ के नीचे तंत्र-मंत्र (काला जादू) की सामग्री और एक मृत बच्चे की तस्वीर मिलने से हड़कंप मच गया है। इस घटना ने न केवल स्कूल प्रबंधन बल्कि पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है।

घटना का मुख्य विवरण :
- स्थान : गुढ़ा हायर सेकेंडरी स्कूल, पिपरिया थाना क्षेत्र, कवर्धा।
- बरामद सामग्री : स्कूल परिसर में पेड़ के नीचे पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र से जुड़ी संदिग्ध सामग्री।
- मुख्य साक्ष्य : एक बच्चे की फोटो, जिस पर तंत्र क्रिया की जा रही थी।
क्या है पूरा मामला? – प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब स्कूल का स्टाफ और स्थानीय लोग परिसर में पहुंचे, तो उनकी नजर एक पेड़ के नीचे पड़ी संदिग्ध वस्तुओं पर पड़ी। पास जाकर देखने पर वहां तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ एक बच्चे की तस्वीर रखी हुई थी।
हैरान करने वाली बात यह है कि तस्वीर में दिख रहे बच्चे की मौत 20 साल पहले ही हो चुकी है। यह बच्चा स्थानीय पाठक परिवार का बताया जा रहा है। परिजनों ने बच्चे की याद में एक छोटा मंदिर बनवाया था, जहां यह तस्वीर लगी हुई थी। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात तांत्रिक या असामाजिक तत्व ने मंदिर से वह फोटो चुराई और उसे स्कूल परिसर में लाकर उस पर तांत्रिक क्रियाएं कीं।
विशेष नोट : शिक्षा के मंदिर में इस तरह की गतिविधि होना सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश : इस घटना की खबर आग की तरह पूरे गांव में फैल गई।
- दहशत का माहौल : 20 साल पहले मृत बच्चे की फोटो का इस तरह उपयोग होते देख ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग इसे किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से जोड़कर देख रहे हैं।
- अभिभावकों की चिंता : स्कूल जैसे सुरक्षित स्थान पर ऐसी गतिविधियां होने से अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि अगर स्कूल परिसर में रात के वक्त बाहरी लोग आ सकते हैं, तो यह बड़ी लापरवाही है।
प्रबंधन और पुलिस की कार्रवाई : मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से पेड़ के नीचे से तंत्र-मंत्र की सामग्री को हटवा दिया है।
- स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी गई है।
- पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंदिर से फोटो किसने चुराई और स्कूल परिसर में इसे कौन लेकर आया।
यह घटना न केवल अंधविश्वास की गहरी जड़ों को दर्शाती है, बल्कि स्कूलों की बाउंड्री और सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी खोलती है। पुलिस और प्रशासन को जल्द से जल्द इस “अज्ञात तांत्रिक” का पता लगाना होगा ताकि ग्रामीणों और छात्रों के मन से डर का साया हटाया जा सके।



