खाकी पर दाग : महासमुंद का आरक्षक निकला गांजा तस्कर, नाबालिग के साथ मिलकर खपा रहा था लाखों का नशा…

जांजगीर-चांपा। कानून के रखवाले ही जब कानून तोड़ने लगें, तो समाज में सुरक्षा का भरोसा डगमगाने लगता है। जांजगीर-चांपा की शिवरीनारायण पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी के आरोप में महासमुंद रक्षित केंद्र में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक और उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 7 लाख 85 हजार रुपये मूल्य का अवैध गांजा और तस्करी में प्रयुक्त कार जब्त की गई है।
मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी – थाना प्रभारी राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में शिवरीनारायण पुलिस नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि एक सफेद रंग की इको कार (CG 06 HE 2340) में भारी मात्रा में गांजा लेकर तस्कर गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल नाकाबंदी की और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी।
कार की तलाशी में खुला ‘खाकी’ का काला चिट्ठा – संदेह के आधार पर जब उक्त इको कार को रोककर तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम दंग रह गई। कार के भीतर से 15 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिसका कुल वजन 15 किलो 700 ग्राम है। पकड़ा गया मुख्य आरोपी चंद्रशेखर साहू (37 वर्ष) निकला, जो महासमुंद पुलिस लाइन में आरक्षक के पद पर तैनात है। वर्दी की आड़ में वह लंबे समय से नशे के इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा था।
जब्त सामग्री और कानूनी कार्रवाई : पुलिस ने इस कार्रवाई में निम्नलिखित सामान जब्त किया है :
- गांजा : 15 किलो 700 ग्राम (कीमत ₹7.85 लाख)
- वाहन : ईको कार (कीमत ₹5 लाख)
- अन्य : दो मोबाइल फोन
कड़ी कार्रवाई : पुलिस ने आरोपी आरक्षक चंद्रशेखर साहू के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं, उसके साथ मौजूद 17 वर्षीय नाबालिग को किशोर न्यायालय में पेश करने के बाद कोरबा स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
पुलिस का संदेश : यह कार्रवाई साफ करती है कि अपराध करने वाला चाहे आम आदमी हो या वर्दीधारी, कानून के हाथ सब तक पहुँचेंगे। शिवरीनारायण पुलिस की इस मुस्तैदी की जिले में काफी चर्चा हो रही है।




