रायपुर

ब्रेकिंग न्यूज़ : छत्तीसगढ़ में ‘रियल एस्टेट’ को बूस्टर डोज! सुपर बिल्टअप का खेल खत्म, अब सिर्फ ‘बिल्टअप’ पर होगी रजिस्ट्री; मध्यम वर्ग को बड़ी राहत…

रायपुर : 8 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के प्रॉपर्टी बाज़ार और आम आदमी के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। राज्य सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर की लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को दूर करते हुए गाइडलाइन दरों और मूल्यांकन के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में लिए गए इन फैसलों से न सिर्फ फ्लैट खरीदना सस्ता होगा, बल्कि छोटे भू-खंड खरीदने वालों की भी जेब को बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार के 5 बड़े फैसले, जो बदल देंगे प्रॉपर्टी बाज़ार की तस्वीर:

सुपर बिल्टअप एरिया का झंझट ख़त्म : अब तक बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट, दुकान या ऑफिस खरीदने पर रजिस्ट्री ‘सुपर बिल्टअप एरिया’ (जिसमें सीढ़ियाँ, लॉबी आदि शामिल होते थे) पर होती थी। बोर्ड ने इस प्रावधान को विलोपित (Delete) कर दिया है।

  • असर: अब रजिस्ट्री केवल ‘बिल्टअप एरिया’ पर होगी। यह मांग मध्य प्रदेश के समय से चली आ रही थी। इससे सीधे तौर पर रजिस्ट्री का खर्च काफी कम हो जाएगा और वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा।

ऊपरी मंजिल पर फ्लैट लेना अब और सस्ता :बहुमंजिला भवनों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में फ्लोर के हिसाब से मूल्यांकन में भारी कटौती की गई है:

  • बेसमेंट और फर्स्ट फ्लोर: 10% की कमी।
  • सेकंड फ्लोर और उससे ऊपर: 20% की भारी कमी।
  • असर: ऊँची इमारतों में घर लेना मध्यम वर्ग के लिए अब और किफायती होगा।

इंक्रीमेंटल डर का अंत, पुरानी स्लैब व्यवस्था लागू :

नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर ‘इंक्रीमेंटल आधार’ पर गणना के नियम को रद्द कर दिया गया है। अब फिर से पुरानी स्लैब दर लागू होगी:

  • ​नगर निगम: 50 डेसीमल तक।
  • ​नगर पालिका: 37.5 डेसीमल तक।
  • ​नगर पंचायत: 25 डेसीमल तक।

कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में पीछे की दुकानों को राहत :अगर कोई दुकान या संपत्ति कॉम्प्लेक्स के मुख्य मार्ग से 20 मीटर पीछे स्थित है, तो उसकी जमीन की दर में 25% की कमी करके मूल्यांकन किया जाएगा। इससे उन व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी जिनकी दुकानें फ्रंट में नहीं हैं।

31 दिसंबर तक फिर हो सकती है समीक्षा : जिला मूल्यांकन समितियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि हाल ही में बढ़ी दरों के खिलाफ आए आपत्तियों और सुझावों का विश्लेषण कर 31 दिसंबर तक संशोधन प्रस्ताव भेजें। यानी, आने वाले दिनों में कुछ और राहत की उम्मीद की जा सकती है।

विशेषज्ञों की राय : सरकार का यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर में छाई सुस्ती को तोड़ने वाला साबित होगा। ‘बिल्टअप एरिया’ पर रजिस्ट्री का फैसला न केवल खरीदारों के पैसों की बचत करेगा, बल्कि पारदर्शिता भी लाएगा। यह निर्णय तत्काल प्रभावशील हो गए हैं।

आम जनता के लिए संदेश : अगर आप अपना घर या दुकान खरीदने का प्लान कर रहे थे, तो यह सही समय है। सरकार ने पुरानी जटिलताओं को हटाकर रास्ता साफ कर दिया है।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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