खाकी का ‘खूनी’ लालच : सरगुजा में प्रधान आरक्षक की वसूली से तंग आकर युवक ने दी जान…

सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां कानून के रखवाले ने ही एक युवक को मौत के दरवाजे तक धकेल दिया। लखनपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पन्नालाल की ‘रिश्वतखोरी’ और ‘धमकी’ ने एक हंसते-खेलते युवक आशिष मिंज की जान ले ली।
50 हजार की डिमांड और फंसाने की साजिश : जानकारी के मुताबिक, मृतक आशिष मिंज पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। परिजनों ने पुलिस के सामने जो खुलासे किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं:
- रिश्वत का दबाव : प्रधान आरक्षक पन्नालाल कथित तौर पर आशिष से 50,000 रुपये की मांग कर रहा था।
- झूठे केस की धमकी : पैसे न देने पर प्रधान आरक्षक ने आशिष को उसकी प्रेमिका की आत्महत्या के पुराने मामले में मुख्य आरोपी बनाने और जेल भेजने की धमकी दी थी।
- टूट गया हौसला : लगातार मिल रही धमकियों और ‘खाकी’ के खौफ से आशिष इतना डर गया कि उसने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
जांच में खुली पोल, FIR दर्ज : युवक की मौत के बाद जब परिजनों ने मोर्चा खोला और आला अधिकारियों तक बात पहुंची, तब जाकर विभाग हरकत में आया।
- प्रारंभिक जांच : वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई जांच में प्रधान आरक्षक पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
- दर्ज हुआ मामला : आरोपी प्रधान आरक्षक पन्नालाल के खिलाफ लखनपुर थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment of Suicide) का मामला दर्ज कर लिया गया है।
- महकमे में हड़कंप : पुलिस विभाग के भीतर ही एक कर्मचारी पर एफआईआर होने से विभाग में खलबली मची हुई है।
“न्याय की गुहार: परिजनों का कहना है कि सिर्फ एफआईआर काफी नहीं है, दोषी पुलिसकर्मी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि कोई और ‘पन्नालाल’ किसी बेगुनाह की जान न ले सके।”
पुलिस का पक्ष : पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है। वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।




