जशपुर की दिल दहला देने वाली वारदात – नशे में दरिंदे पति ने कर दी पत्नी की हत्या, गांव में मातम और सन्नाटा…

जशपुर। जशपुर जिले से ऐसी खौफनाक घरेलू हिंसा की घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। शराब के नशे में धुत एक पति ने पहले अपनी पत्नी के साथ अमानवीय हरकत करने की कोशिश की, और जब पत्नी ने उसका विरोध किया, तो उसने धारदार हथियार से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते नशे, हिंसा और संवेदनहीनता का भयावह प्रतीक है।

सोमवार की भयावह शाम – जब पति बना जल्लाद : सूत्रों के अनुसार, यह दर्दनाक घटना बगीचा थाना क्षेत्र के पंड्रापाठ चौकी अंतर्गत ग्राम पकरीटोली की है। यहां लरंगसाय कोरवा नामक व्यक्ति रोजाना शराब पीकर घर में झगड़ा करता था। गाली-गलौज और मारपीट उसकी जिंदगी का हिस्सा बन चुके थे। लेकिन सोमवार की शाम उसने सारी हदें पार कर दीं।
नशे में धुत होकर घर लौटे लरंगसाय ने अपनी पत्नी संतोषी बाई (40) के साथ घृणित हरकत करने की कोशिश की। पत्नी ने इसका कड़े शब्दों में विरोध किया, तो आरोपी आगबबूला हो उठा। गुस्से में उसने घर में रखा धारदार हथियार उठाया और पत्नी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। कुछ ही मिनटों में संतोषी बाई की मौके पर ही मौत हो गई। महिला की चीखें गूंजीं, लेकिन जब तक पड़ोसी पहुंचे – सब कुछ खत्म हो चुका था।
गांव में मातम, बच्चे खौफ में : करीब डेढ़ दशक से साथ रह रहे इस दंपती का रिश्ता सोमवार की शाम खून से सना अंत बन गया। गांव वालों ने बताया, “वह रोज शराब पीकर झगड़ा करता था, पर किसी ने नहीं सोचा था कि वह हत्या तक पहुंच जाएगा।” महिला की मौत के बाद घर में मौजूद बच्चे खौफ और सदमे की हालत में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि घर में रोज के विवादों को सामान्य झगड़ा समझकर अनदेखा कर दिया गया, जो अंततः एक जघन्य अपराध में बदल गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई -आरोपी गिरफ्तार : घटना की जानकारी मिलते ही बगीचा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल धारदार हथियार बरामद कर लिया है, जबकि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि “घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।”
नशे और हिंसा का काला सच – समाज के लिए चेतावनी : यह वारदात केवल एक घर का नहीं, बल्कि पूरे समाज का आईना है।
घरेलू हिंसा और नशे की लत का यह जहरीला गठजोड़ हर दिन किसी न किसी संतोषी बाई की जान ले रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार महिलाएं शुरुआती हिंसा और दुर्व्यवहार को सहन करती रहती हैं, जिससे अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अंततः ऐसी जानलेवा घटनाएं सामने आती हैं।
सवाल समाज से – कब तक चुप रहेंगे हम? : हर ऐसी घटना के बाद समाज कुछ पल के लिए सिहरता है, फिर धीरे-धीरे सब भूल जाता है।
लेकिन यही भूल और चुप्पी अगली त्रासदी को जन्म देती है। जब हिंसा को सामान्य और चुप्पी को स्वाभाविक मान लिया जाता है, तो घर-घर में कोई न कोई संतोषी बाई अगला शिकार बन जाती है।




