अवैध धान परिवहन पर जिला प्रशासन की कड़ी नज़र, 25 चेकपोस्ट पर 24×7 मॉनिटरिंग ; समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सुचारु, संवेदनशील केंद्रों पर विशेष व्यवस्था…

रायगढ़, 27 नवम्बर 2025। जिले में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले की अंतर्राज्यीय एवं आंतरिक सीमाओं पर स्थापित कुल 25 चेकपोस्ट पर चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। सभी चेकपोस्टों पर तैनात संयुक्त दल वाहन चेकिंग, धान लदे ट्रकों की सत्यापन प्रक्रिया और संदेहास्पद परिवहन की निगरानी में जुटे हैं।
भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, एकताल, जमुना, तोलमा, हाड़ीपानी, लमडांड, हमीरपुर, हाटी, गोलाबुड़ा, फतेपुर, केशरचुंवा, टांगरघाट, बिजना, बरकछार, उर्दना, बोईरदादर, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारुमा, ऐडू और रीलो जैसे प्रमुख चेकपोस्टों पर प्रशासनिक टीमें निगरानी के साथ-साथ रोज़ाना रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर रही हैं। अनुविभागीय स्तर पर भी विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अवैध धान परिवहन और भंडारण में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
105 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी व्यवस्थित रूप से जारी : जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। शासन द्वारा निर्धारित चेकलिस्ट के अनुरूप सभी केंद्रों में आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील तथा 4 केंद्र अति-संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं, जहाँ सुरक्षा और निगरानी की अतिरिक्त व्यवस्थाएँ की गई हैं।
धान खरीदी से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत एवं सुझाव के लिए खाद्य विभाग का टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है।
इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम सक्रिय, रीसाइक्लिंग और बिचौलियों पर कड़ी नज़र : जिले में अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और कॉल सेंटर की स्थापना की गई है। यह इकाई धान की रीसाइक्लिंग रोकने, कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों पर नियंत्रण, धान के उठाव एवं परिवहन की सतत मॉनिटरिंग और शिकायतों के तत्काल निपटारे की जिम्मेदारी निभा रही है।
पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय जांच समिति गठित : कलेक्टर चतुर्वेदी द्वारा जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाए रखने के लिए जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। समिति में
- अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो,
- संयुक्त कलेक्टर राकेश कुमार गोलछा,
- खाद्य अधिकारी चितरंजन सिंह,
- जिला विपणन अधिकारी जान्हवी जिलहरे,
- उप आयुक्त सहकारिता व्यास नारायण साहू,
- जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम आदि नारायण,
- विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एस.पी. सिंह
शामिल हैं।
यह समिति उपार्जन केंद्रों की सतत निगरानी, खरीदी प्रक्रिया के निरीक्षण और किसी भी अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई की जिम्मेदारी निभा रही है।
किसानों के लिए टोकन व्यवस्था -ऐप से भी उपलब्ध : किसानों की सहूलियत के लिए इस वर्ष भी टोकन आधारित धान खरीदी की व्यवस्था जारी है। राज्य शासन की नीति के अनुसार-
- 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को 1 टोकन,
- 2 से 10 एकड़ तक वाले किसानों को अधिकतम 2 टोकन,
- 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को अधिकतम 3 टोकन दिए जा रहे हैं।
किसान टोकन उपार्जन केंद्र से सीधे प्राप्त कर सकते हैं या तुहर हाथ मोबाइल ऐप के माध्यम से भी स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि केंद्र में धान लाते समय धान पूरी तरह सुखा हुआ, 17 प्रतिशत से कम नमी वाला और स्वच्छ हो। साथ में टोकन, ऋण पुस्तिका और आधार कार्ड अवश्य रखें।




