बालोद

बालोद पुलिस की शानदार सफलता : चोरी का ट्रक नागपुर से बरामद, प्रार्थी ही निकला मुख्य आरोपी

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद/डौंडी। बालोद जिले की पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले को सुलझाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। बालोद पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल (भापुसे) के सशक्त नेतृत्व में डौण्डी थाने से चोरी हुए 43 लाख रुपये के ट्रक को महाराष्ट्र के नागपुर से जब्त कर लिया गया। आश्चर्यजनक मोड़ यह सामने आया कि ट्रक का मालिक ही चोरी की साजिश का सूत्रधार निकला। सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की तकनीकी विशेषज्ञता ने इस सफलता का आधार तैयार किया। “एसपी बालोद योगेश कुमार पटेल ने इस अभियान को न केवल दिशा दी, बल्कि उनकी दूरदर्शिता और टीम वर्क पर जोर ने पुलिस की छवि को नई ऊंचाई दी। इसी तरह, नगर पुलिस अधीक्षक, राजहरा विकास पटले ने पर्यवेक्षण में उत्कृष्ट भूमिका निभाई, जिससे जांच तेजी से आगे बढ़ी। उनकी सक्रियता और समन्वय ने इस केस को जल्द सुलझाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।”

मामले की शुरुआत 26 जनवरी 2026 को हुई, जब ट्रक मालिक ने डौण्डी थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी 2026 की रात करीब 10-11 बजे उनका ट्रक नंबर सीजी 21 जे 7111, जिसकी कीमत 43 लाख रुपये है, अज्ञात चोरों द्वारा डौण्डी पेट्रोल पंप से उड़ा लिया गया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना डौण्डी में अपराध संख्या 21/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू हो गई। पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल विशेष टीम गठित की। उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के निर्देशन तथा राजहरा सीएसपी विकास पटले के सतत पर्यवेक्षण में साइबर सेल और डौण्डी थाने की संयुक्त टीम ने कमर कस ली।

टीम ने ‘त्रिनयन’ ऐप के जरिए सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण शुरू किया। चोरी वाले ट्रक को पहचानते हुए आगे के रास्ते पर लगे सैकड़ों कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई। डौण्डी से डौण्डीलोहारा, देवरी, राजनांदगांव होते हुए साकोली, देवरी (महाराष्ट्र) और नागपुर तक फैले नेटवर्क से फुटेज एकत्रित कर बारीकी से खंगाले गए। एसपी पटेल की रणनीति के तहत टीम ने नागपुर के आसपास कैंप लगाया। तकनीकी साक्ष्यों के बल पर ट्रक को चिन्हित कर खरीदने वाले ट्रांसपोर्टर से संपर्क किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी नरेन्द्र जायसवाल और मनेन्द्र जायसवाल ने खुद ट्रक को एक दलाल के माध्यम से बेचने का प्रयास किया था। राजहरा सीएसपी विकास पटले के पर्यवेक्षण ने इस चरण में जांच को और मजबूत बनाया, जिससे ट्रक बरामदगी संभव हुई।

आरोपियों से गहन पूछताछ में सच्चाई सामने आई। नरेन्द्र और मनेन्द्र ने कबूल किया कि ट्रक 2013 में उनके बुआ के बेटे मनोज जायसवाल के नाम पर लोन लेकर खरीदा गया था। कर्ज की किस्तें न चुकाने की स्थिति में फाइनेंस कंपनी का दबाव बढ़ रहा था। इसी डर से उन्होंने अपने भाई, पिता लखन लाल जायसवाल और एक दलाल के साथ मिलकर चोरी की फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने की साजिश रची। मकसद था बीमा राशि से लोन चुकाना और ट्रक को नागपुर बेचकर लाभ कमाना। 22 जनवरी 2026 की रात 10 बजे वे ट्रक ड्राइव कर डौण्डी से राजनांदगांव होते हुए दलाल संग नागपुर पहुंचे। वहां ट्रांसपोर्टर कलवंत सिंह से सौदा तय किया और वाहन के कागजात की रंगीन कॉपी सौंप दी। ट्रांसपोर्टर को भरोसा दिलाया कि ट्रक बुआ के बेटे का है और बिक्री में उसकी सहमति है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। आरोपी हैं:

  • नरेन्द्र जायसवाल (39 वर्ष), पिता लखन लाल जायसवाल, वार्ड नंबर 13, बस स्टैंड, डौण्डी।
  • मनेन्द्र जायसवाल (34 वर्ष), पिता लखन लाल जायसवाल, वार्ड नंबर 13, बस स्टैंड, डौण्डी।
  • लखन लाल जायसवाल (71 वर्ष), पिता हिंगू राम जायसवाल, वार्ड नंबर 13, बस स्टैंड, डौण्डी।

नरेन्द्र जायसवाल और मनेन्द्र जायसवाल के खिलाफ पहले से आबकारी एक्ट का केस दर्ज है। एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

जप्त मशरूका में 43 लाख का ट्रक शामिल है।

एसपी योगेश कुमार पटेल (भापुसे) की कुशल रणनीति और राजहरा सीएसपी विकास पटले की सतर्क निगरानी ने इस ऑपरेशन को चंद दिनों में सफल बनाया। उनकी तारीफ के बिना यह सफलता अधूरी रहेगी। एसपी योगेश कुमार पटेल ने न केवल टीम को प्रेरित किया, बल्कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अपराधियों को बेनकाब करने का उदाहरण पेश किया। सीएसपी पटले ने स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाए रखा, जिससे जांच बिना रुकावट चली। इस उपलब्धि में साइबर सेल प्रभारी सउनि धरम भूआर्य, थाना डौण्डी सउनि दुर्जन रावटे, प्रधान आरक्षक ज्ञानेश चंदेल, भुनेश्वर मरकाम, विवेक शाही, रूमलाल चुरेन्द्र, आरक्षक विपिन गुप्ता, राहुल मनहरे, भोपसिंह साहू, पुकेश्वर साहू, पूरन देवांगन, आकाश सोनी, आकाश दुबे, मिथलेश यादव, गुलझारी साहू, योगेश गेडाम, योगेश पटेल और महिला आरक्षक अंबिका उसारे का योगदान सराहनीय रहा।

बालोद पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून की ताकतवर भुजा उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा ही देगी। यह सफलता जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने का प्रतीक बनेगी।

Feroz Ahmed Khan

संभाग प्रभारी : दुर्ग

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