धान खरीदी में घोर भ्रष्टाचार : दो अधिकारियों पर कलेक्टर के निर्देश पर निलंबन की गिरी गाज

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही पकड़े जाने पर जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने सख्त कार्यवाही की है। डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और डौंडीलोहारा के रानाखुज्जी धान केंद्र के समिति प्रभारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया। वही जिले के कृषकों ने कलेक्टर मैडम के द्वारा किसानों के हित में की गई त्वरित कार्यवाही की तारीफ भी की।

बालोद कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश पर यह कार्यवाही अमल में लाई गई। अधिकारियों की इस घोर उदासीनता से किसानों को हो रही परेशानी को रोकने का प्रयास किया गया है। जिला प्रशासन ने धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी कठोर कदम उठाने का संकेत दिया है। किसान हितों की रक्षा प्राथमिकता बनी हुई है।
उक्त संबंध में उप संचालक कृषि द्वारा आदेश जारी करते हुए बताया गया है कि डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ज्ञानेद्र प्रताप सिंह के विरुद्ध केशव राम साहू द्वारा शिकायत की गई थी। जिसमें शिकायतकर्ता केशव राम साहू अपनी निजी भूमि की 125 बोरी धान को ट्रेक्टर में भरकर बालोद मण्डी विक्रय करने ले जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ज्ञानेद्र प्रताप सिंह द्वारा गाड़ी रोक कर 50 हजार रूपये की मांग की गई।
उक्त शिकायत पर अनुविभागीय कृषि अधिकारी बालोद, को वस्तुस्थिति की प्रारंभिक जांच हेतु निर्देशित किया गया। जिसके संबंध में अनुविभागीय कृषि अधिकारी बालोद, के जांच प्रतिवेदन अनुसार संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा 15 हजार रूपये युपीआई के माध्यम से ज्ञानेद्र प्रताप सिंह के खाते में अंतरण पाया गया। इससे शिकायत का आरोप सिद्ध पाया गया जो कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लघन है। इस परिपेक्ष्य में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण/नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के प्रावधान के अनुसार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ज्ञानेद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
इसी प्रकार आदिम जाति सेवा सहकारी समिति रानाखुज्जी के प्राधिकृत अधिकारी ने आदेश जारी कर बताया है कि सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग जिला-बालोद के संयुक्त जॉच टीम द्वारा धान उपार्जन केन्द्र रानाखुज्जी की जाँच कर जॉच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिसमें समिति प्रभारी हंसराज प्रजापति द्वारा कार्य के प्रति घोर उपेक्षा आर्थिक अनियमितता एवं छत्तीसगढ़ शासन के महत्वकांक्षी योजना समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के नियमों का उल्लंघन करना पाया गया है। जिससे समिति एवं शासन को आर्थिक अनियमितता परिलक्षित होती है।
उक्त पत्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के सेवायुक्तों के लिये जारी सेवा नियम 2018 के नियम क्रमांक 16 के तहत कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित है। अतः प्राधिकृत अधिकारी की बैठक दिनांक 22 जनवरी 2026 के प्रस्ताव क्रमांक 01 के निर्णय अनुसार हंसराज प्रजापति समिति प्रभारी आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित रानाखुज्जी पं. क्र. 201 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।




