रायपुर का हाई प्रोफाइल ड्रग्स रैकेट बेनकाब: मुंबई से पकड़ी गई इंटीरियर डिजाइनर युवती…

रायपुर। राजधानी में चल रहे हाई प्रोफाइल ड्रग्स रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुंबई से 30 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से क्लब, पब, फार्महाउस और नाइट पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई करने वाले गिरोह का हिस्सा बताई जा रही है।
नव्या मलिक का नाम तब सामने आया, जब देवेंद्र नगर ओवरब्रिज के नीचे 23 अगस्त को एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने गंज थाना पुलिस के साथ मिलकर तीन युवकों को धर दबोचा था। हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया नामक इन आरोपियों के पास से 27.58 ग्राम एमडीएमए, सोनेट कार, 85,300 रुपए नकद, तौल मशीन और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई।

आरोपी युवकों ने खोला राज़ : पूछताछ में मोनू विश्नोई ने खुलासा किया कि वह दिल्ली से रायपुर ड्रग्स लाता था, जबकि हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया शहर में इसे खपाते थे। इसी दौरान सामने आया कि इनका नेटवर्क नव्या मलिक की डिमांड पर काम करता था। तीनों आरोपियों ने कबूल किया कि नव्या ही बड़े पैडलर्स से संपर्क साधती और माल मंगवाती थी।

मुंबई से धराई नव्या : पुलिस की विशेष टीम ने नव्या का लोकेशन मुंबई में ट्रैक किया और वहां से उसे गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया। तलाशी में उसके पास से प्रतिबंधित नशीली टैबलेट, ड्रग्स सप्लाई का रैपर और दो मोबाइल बरामद हुए। उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
फैशन शो से ड्रग्स रैकेट तक : जानकारी के अनुसार नव्या मलिक इंटीरियर डिजाइनर होने के साथ ही फैशन शो और नाइट पार्टियों की शौकीन थी। इसी दौरान उसे नशे की लत लगी और फिर वह बड़े ड्रग पैडलर्स के संपर्क में आ गई। पहले वह दिल्ली से माल मंगाती थी, बाद में पंजाब, हरियाणा और मुंबई से भी ड्रग्स सप्लाई कराने लगी। इसमें एमडीएमए और हेरोइन शामिल है।
पड़ोस से जुड़ा कनेक्शन : दिलचस्प बात यह है कि देवेंद्र नगर में पकड़े गए आरोपियों में से एक हर्ष आहूजा नव्या का पड़ोसी है। पुलिस को शक है कि दोनों मिलकर गिरोह को ऑपरेट कर रहे थे। फिलहाल, अदालत ने नव्या को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
लगातार बड़ी कार्रवाई : एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार, रायपुर पुलिस ने केवल 26 दिनों में 44 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। 4 अगस्त को हुए पहले बड़े खुलासे में पंजाब के लवजीत सिंह और राजनांदगांव के सुवित श्रीवास्तव समेत 9 तस्करों से 1 करोड़ की ड्रग्स जब्त की गई थी।
बड़ा सवाल : लगातार हो रही कार्रवाई यह साफ करती है कि राजधानी रायपुर में ड्रग्स का जाल गहराई तक फैला हुआ है। क्लब, पब और पार्टियों में आसानी से मिलने वाले नशे का सीधा टारगेट युवा पीढ़ी और कॉलेज के छात्र-छात्राएं हैं। पुलिस को मिले 36 से ज्यादा चैट्स इस बात का सबूत हैं कि इस रैकेट की पहुंच खतरनाक रूप से व्यापक है।
सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स रायपुर में कैसे और किन नेटवर्क्स के सहारे लगातार खपाई जा रही है? और क्या इसके पीछे शहर के और भी सफेदपोश चेहरे छिपे हैं?