अधिकारी की प्रताड़ना से तंग आकर कर्मचारी ने किया आत्महत्या का प्रयास, थाना व एसपी कार्यालय में दी शिकायत…

जशपुर। जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला जनसम्पर्क कार्यालय जशपुर में पदस्थ एक अंशकालिक कर्मचारी ने अपने अधिकारी पर लगातार मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया। पीड़ित ने इस संबंध में थाना सिटी कोतवाली जशपुर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को लिखित शिकायत सौंपकर दोषी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता रविन्द्रनाथ राम, पिता गेन्दा राम, निवासी रूपसेरा खखरा पाठ (पोस्ट-पतराटोली) ने बताया कि वह वर्ष 2012 से जनसम्पर्क कार्यालय जशपुर में मात्र 4,600 रुपये मानदेय पर कार्यरत है। कम वेतन के बावजूद उससे फोटोग्राफी, ड्राइविंग, कंप्यूटर संचालन, फोटो प्रदर्शनी तैयार करने सहित कई कार्य कराए जाते थे। इतना ही नहीं, अधिकारी द्वारा उससे निजी कार्य तक करवाए जाते थे।

अधिकारी पर गंभीर आरोप :
- कर्मचारी का आरोप है कि राज्योत्सव 2024 के बाद से नूतन सिदार, पदस्थ अधिकारी, द्वारा उसे निरंतर प्रताड़ित किया जाने लगा।
- कार्य में लापरवाही का आरोप लगाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता था।
- अधिकारी द्वारा उसे धमकी दी गई कि SC/ST एक्ट में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा।
- लगातार अपमान और दबाव से परेशान होकर 13 अगस्त 2025 की शाम लगभग 7:30 बजे उसने कीटनाशक खाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
शिकायत और कार्रवाई की मांग : पीड़ित ने घटना के बाद साहस जुटाकर थाना प्रभारी जशपुर को लिखित आवेदन सौंपा है। साथ ही शिकायत की प्रतिलिपि कलेक्टर जशपुर एवं पुलिस अधीक्षक जशपुर को भी भेजी गई है। पीड़ित ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में जब हमारे संवाददाता ने आरोपी अधिकारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
👉 यह मामला न केवल नौकरीपेशा कर्मचारियों की असुरक्षा को उजागर करता है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में मनमानी और मानसिक प्रताड़ना पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।