“छेरछेरा पर खून की होली: सरगुजा संभाग में 3 सनसनीखेज हत्याएं; नशेड़ी पति और सनकी ससुर ने उजाड़ीं खुशियां!”…

अंबिकापुर/सूरजपुर: सरगुजा संभाग में त्यौहार की खुशियाँ मातम में बदल गईं। कहीं शराब के नशे ने सुहाग उजाड़ दिया, तो कहीं 4 साल पुराना ‘प्रेम विवाह’ का गुस्सा कुल्हाड़ी बनकर बरसा। संभाग में हुई इन तीन बड़ी वारदातों ने रूह कंपा दी है।
हैवानियत की हद: ‘वो मर गई और वो बगल में सोता रहा’ – स्थान: ग्राम पुटा, उदयपुर – उदयपुर के पुटा गांव में रिश्तों का ऐसा कत्ल हुआ जिसे सुनकर कलेजा मुंह को आ जाए। शराबी पति इंजोर साय ने मामूली विवाद पर अपनी पत्नी नईहारो को डंडों से इस कदर पीटा कि उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई।
- खौफनाक सच: कसाई बन चुके पति ने जब देखा कि पत्नी हिल नहीं रही, तो उसे बेहोश समझकर उसके खून से लथपथ शव के साथ ही रात भर सोता रहा। * चेहरे पर कोई शिकन नहीं: गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी के चेहरे पर पछतावे की एक लकीर तक नहीं थी। वह पुलिस के सामने ऐसे बर्ताव कर रहा था जैसे कुछ हुआ ही न हो।
4 साल बाद ‘प्रतिशोध’ का तांडव: पूर्व सरपंच ने दामाद को सरेआम काटा – स्थान: द्वारिकानगर, जयनगर – सूरजपुर में प्रेम विवाह का बदला चार साल बाद लिया गया। पूर्व सरपंच ठाकुर सिंह पैकरा की बेटी ने गांव के ही रामलल्लू अगरिया से प्रेम विवाह किया था। यह टीस सरपंच के मन में आग बनकर सुलग रही थी।
- मौका मिलते ही किया हमला: छेरछेरा के दिन जैसे ही विवाद हुआ, पूर्व सरपंच ने 15-20 लोगों की फौज के साथ धावा बोल दिया।
- कुल्हाड़ी से वार: लाठी, डंडों और कुल्हाड़ी से रामलल्लू को सरेआम मौत के घाट उतार दिया गया। यह महज हत्या नहीं, सरेआम कानून को चुनौती थी।
शराब का ‘जहर’ और उजड़ गया सिंदूर : स्थान: सरस्वतीपुर, सूरजपुर – सूरजपुर के ही सरस्वतीपुर में एक और शराबी पति ने अपनी पत्नी की जान ले ली। नशे में धुत्त हैवान ने अपनी पत्नी को लात-घूंसों से इतना पीटा कि उसके शरीर के अंदरूनी अंगों ने काम करना बंद कर दिया। अस्पताल में तड़प-तड़प कर महिला की मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का खुलासा : ‘दिमाग की नस फटने से गई जान’– डॉक्टरों के मुताबिक, पुटा की घटना में महिला के सिर के पीछे इतना जोरदार प्रहार किया गया था कि दिमाग तक खून पहुँचाने वाली नसें फट गई थीं। गर्दन की हड्डी टूटना यह बताता है कि हमला कितनी नफरत के साथ किया गया था।
बड़ी बहस: क्या सरगुजा में शराब और गुस्सा अब इंसानी जान से भी बड़ा हो गया है? एक ही संभाग में तीन हत्याएं प्रशासन और समाज के लिए बड़ा सवाल हैं।
