यूरिया संकट में किसानों की नींद हराम, पीओएस में स्टॉक फिर भी गोदाम खाली – उर्वरक व्यापारी पर गिरी गाज…

सतना। एक तरफ जिले के किसान यूरिया की एक-एक बोरी के लिए रातभर सरकारी केंद्रों पर लंबी कतारों में खड़े होकर जद्दोजहद कर रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ निजी उर्वरक व्यापारी खुलेआम खाद की किल्लत का खेल खेलते पकड़े जा रहे हैं। ताज़ा मामला सोहावल विकासखंड का है, जहां प्रशासन की छापामार कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ।
बुधवार देर रात सोहावल के एसडीएम एल.आर. जांगड़े और एसडीओ ने भैसवार स्थित अखण्ड ट्रेडर्स पर दबिश दी। जांच में पीओएस मशीन में 1.35 टन यूरिया का स्टॉक दर्ज मिला, लेकिन जब गोदाम खोला गया तो एक भी बोरी यूरिया नहीं मिली।
व्यापारी का बचाव: “पीओएस मशीन खराब” – भारी अनियमितता पकड़े जाने के बाद अखण्ड ट्रेडर्स प्रो. दीपेन्द्र सिंह ने अपना पल्ला झाड़ते हुए अधिकारियों से कहा – “आपकी पीओएस मशीन ही खराब है, मेरे पास तो एक भी बोरी यूरिया नहीं है।”
लेकिन प्रशासन ने व्यापारी के तर्क को ठुकराते हुए दस्तावेजों की गहन पड़ताल की और मौके पर पंचनामा तैयार कर लिया। इसके बाद उर्वरक निरीक्षक राजललन बागरी ने व्यापारी को नोटिस थमाते हुए स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। अब उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
किसानों से छल, प्रशासन सख्त : जहां किसान खाद के अभाव में फसल चौपट होने की चिंता में दिन-रात कतारें काट रहे हैं, वहीं व्यापारी का यह खेल किसानों के साथ खुला विश्वासघात माना जा रहा है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ऐसे मामलों में अब कड़ी सज़ा दी जाएगी।