खाकी की साख सड़क पर: दुर्ग में नशे में धुत बेसुध मिला पुलिसकर्मी, पास बिखरीं शराब की बोतलें; निगरानी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल…

दुर्ग। अनुशासन, कानून और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाने वाली खाकी वर्दी दुर्ग में सड़क किनारे तार-तार होती नजर आई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस महकमे के आंतरिक अनुशासन और निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है। वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी सड़क किनारे अत्यधिक नशे की हालत में बेसुध पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। उसके ठीक बगल में शराब की बोतल और डिस्पोजल गिलास पड़े हैं, जो यह साफ बयां कर रहे हैं कि वर्दी की मर्यादा को किस कदर ताक पर रखा गया।
दफ्तर के ठीक सामने लापरवाही की पराकाष्ठा – दावा किया जा रहा है कि यह शर्मनाक नजारा किसी सुनसान इलाके का नहीं, बल्कि सीधे पुलिस कार्यालय के सामने का है। यदि यह दावा सही है, तो यह मामला केवल एक सिपाही के नशे में मिलने तक सीमित नहीं रह जाता। सवाल यह उठता है कि जिस परिसर से पूरे इलाके की कानून-व्यवस्था संचालित होती है, उसी की दहलीज पर खाकी का यह तमाशा घंटों चलता रहा और वरिष्ठ अधिकारियों या गश्ती दल को भनक तक नहीं लगी।
कथित पहचान : मनहरन सिंह (87) – प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मी की पहचान कथित तौर पर मनहरन सिंह (87) के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, विभागीय स्तर पर इस पहचान और पदस्थापना की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
सीधे सिस्टम को कठघरे में खड़े करते सवाल :
- निगरानी तंत्र कहां था? कार्यालय के ठीक बाहर जब एक जवान वर्दी पहनकर शराब के नशे में गिर पड़ा, तब महकमे की संतरी ड्यूटी और सुपरविजन विंग क्या कर रही थी?
- सुरक्षा किसके भरोसे? जो सिपाही खुद अपने पैरों पर खड़ा होने की स्थिति में नहीं है, वह सड़क पर आम नागरिकों और पीड़ितों को क्या सुरक्षा देगा?
- लीपापोती या नजीर? क्या विभाग इसे केवल एक ‘व्यक्तिगत गलती’ बताकर मामूली निलंबन तक सीमित रखेगा, या खाकी की गरिमा धूमिल करने पर कोई कठोर नजीर पेश की जाएगी?
दिन-रात जनता को कानून और मर्यादा का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस के लिए यह वीडियो असहज करने वाला है। अब पूरी नजर दुर्ग पुलिस के आला अधिकारियों पर टिकी है कि वे इस मामले में आधिकारिक पुष्टि के बाद क्या सख्त कदम उठाते हैं।



