आस्था के आगे बेअसर रही मूसलाधार बारिश: कुसमी में नम आंखों और गगनभेदी जयकारों के बीच गणपति बप्पा को दी गई भावभीनी विदाई…

विशेष संवाददाता / पूर्णिमा सेमरिया : कुसमी (बलरामपुर):
दस दिनों तक चले आस्था, भक्ति और उल्लास के महापर्व गणेशोत्सव का शनिवार को अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर भव्य समापन हो गया। नगर कुसमी में भगवान श्रीगणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्ण विधि-विधान, पारंपरिक अनुष्ठान और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान लगातार हो रही झमाझम बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था और उमंग की राह में रुकावट नहीं बन सकी। भीगते हुए भी भक्त ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते रहे और समूचा नगर ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा।
बारिश पर भारी पड़ा श्रद्धालुओं का उत्साह : शनिवार दोपहर से ही आसमान में बादलों का डेरा था और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। आमतौर पर ऐसे मौसम में जनजीवन ठहर जाता है, किंतु विघ्नहर्ता की विदाई वेला में नगर की सड़कों पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। रंग-गुलाल, अबीर और पुष्पवर्षा के बीच भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। हर आंख बप्पा के प्रस्थान से नम थी, तो वहीं अगले वर्ष पुनः आगमन की आशा का उल्लास भी चेहरे पर साफ झलक रहा था।
प्रमुख समितियों ने निकाली भव्य शोभायात्रा : दस दिनों तक विशेष अनुष्ठान और आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ नगर के विभिन्न क्षेत्रों में विराजे गणपति बप्पा की विदाई के लिए भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं। नगर की प्रमुख समितियों में शामिल:
- गणेश पूजा सेवा समिति (शिव मंदिर परिसर): विशेष पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक ध्वज के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
- जय मां भवानी सेवा समिति (सामरी रोड): मार्ग पर भक्ति भजनों की गूंज के बीच भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
- बप्पा मोरया सेवा समिति (बाबा चौक): ढोल-ताशों की धुन पर युवाओं की टोली बप्पा की अगुवाई करती नजर आई।
- सिद्धि विनायक सेवा समिति (हनुमान मंदिर): महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की व्यापक उपस्थिति के साथ विधिवत महाआरती संपन्न कर यात्रा प्रारंभ हुई।
शोभायात्रा के मुख्य मार्गों से गुजरने के दौरान स्थानीय नागरिकों ने अपने घरों के सामने खड़े होकर बप्पा के दर्शन किए और प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर आरती उतारी।
अंतिम आरती कर मांगी क्षेत्र की खुशहाली : विसर्जन यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए निर्धारित जलस्रोतों की ओर अग्रसर हुई। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की अंतिम आरती उतारी और उन्हें मोदक व लड्डू का भोग अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छी वर्षा की कामना की।
नम आंखों से विसर्जन, सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम : शाम ढलते ही निर्धारित जलाशयों के तट पर विसर्जन का दौर शुरू हुआ। पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समितियों के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं का विसर्जन किया। पानी में बप्पा की प्रतिमा समाहित होते ही वातावरण एक बार फिर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के नारों से गूंज उठा। आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मुस्तैद नजर आया। नगरवासियों ने भारी मन और अटूट श्रद्धा के साथ विघ्नहर्ता को विदाई देकर अगले बरस जल्द आने का आह्वान किया।



