राष्ट्रीय पार्टी में बड़ा पद दिलाने के नाम पर 82 लाख की ठगी: फेसबुक वाली ‘हाईप्रोफाइल नेत्री’ के सियासी मायाजाल में फंसा बेरोजगार, सरकंडा थाने में FIR दर्ज…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में फेसबुक से शुरू हुई एक ‘सियासी दोस्ती’ ने बेरोजगार युवक को पाई-पाई का मोहताज बना दिया। राष्ट्रीय स्तर की पार्टी में बड़ा पद और रसूख दिलाने का सब्जबाग दिखाकर मनेंद्रगढ़ की एक महिला ने पीड़ित से ₹82,63,194 (82 लाख 63 हजार रुपये से अधिक) ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा थाना पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का संगीन मामला दर्ज कर लिया है।
पहले जमीन विवाद सुलझाकर जीता भरोसा, फिर बिछाया जाल – सरकंडा निवासी प्रार्थी चेतन आनंद दुबे के मुताबिक, वह पहले एक निजी फर्म में सलाहकार थे, लेकिन नौकरी छूटने के बाद बेरोजगार चल रहे थे। इसी दौरान फेसबुक के जरिए उनका संपर्क खोंगापानी (जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) की रहने वाली निखत परवीन शाबरी से हुआ। बातचीत बढ़ी तो महिला ने खुद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल की प्रभावशाली कार्यकर्ता बताते हुए दावा किया कि केंद्र और राज्य के शीर्ष नेताओं से उसके सीधे संबंध हैं।,-
विश्वास जमाने के लिए महिला ने गतौरी स्थित प्रार्थी की विवादित जमीन का मामला पटवारी और राजस्व निरीक्षक स्तर पर सुलझवा दिया। इस ‘सफलता’ के बाद चेतन आनंद पूरी तरह महिला के प्रभाव में आ गए।
मोबाइल में नेताओं के ‘कनेक्शन’ दिखाए और शुरू हुआ वसूली का खेलराजनीति में रुचि रखने वाले चेतन को निखत परवीन ने राष्ट्रीय पार्टी में बड़ा पद दिलाने का लालच दिया। उसने अपने मोबाइल में शीर्ष नेताओं से कथित बातचीत के प्रमाण दिखाए और कहा कि पार्टी जॉइनिंग और पद के लिए “पार्टी फंड” में मोटी रकम जमा करनी होगी। जब प्रार्थी ने आधिकारिक पार्टी खाता मांगा, तो शातिर महिला ने बहाना बनाया कि फंड सीधे पार्टी खाते में नहीं जाता; पहले उसके खाते में ट्रांसफर करना होगा, जहां से वह आगे जमा करेगी।
11 जुलाई 2025 से रकम ऐंठने का यह सिलसिला शुरू हुआ, जो 17 अगस्त 2026 तक लगातार चलता रहा।
62.63 लाख बैंक खातों में और 20 लाख नकद डकारे – आरोपिया ने शातिराना अंदाज में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अपने खाते और अपनी बहन सायना परवीन के बैंक खाते में कुल ₹62,63,194 ट्रांसफर करवाए। इतना ही नहीं, ‘अचानक आए जरूरी काम’ का हवाला देकर अलग-अलग मौकों पर ₹20,00,000 नकद भी ऐंठ लिए। प्रार्थी ने अपनी जमा-पूंजी लगाने के साथ-साथ अपने दोस्तों सतीश अग्रहरी, अंकित पाण्डेय, डॉ. गायत्री गुप्ता और चॉइस सेंटर के माध्यम से भी आरोपी के खाते में पैसे भिजवाए।
पद और रसीद मांगते ही झल्लाई, बोली – ‘ज्यादा फोन किया तो झूठे केस में फंसा दूंगी’ – करोड़ों के करीब रकम लुटाने के बाद जब चेतन आनंद को न तो पार्टी में कोई पद मिला और न ही पार्टी फंड की कोई आधिकारिक रसीद, तब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर महिला का असली चेहरा सामने आ गया। आरोपिया ने सीधे लहजे में कहा,”जो जमा हो गया वो वापस नहीं मिलेगा, जो करना है कर लो।” इसके बाद उसने पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया और बार-बार फोन.. करने पर झूठे मामलों में फंसाकर जिंदगी बर्बाद करने की खुली धमकी दे डाली।
ठगी और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए चेतन आनंद दुबे ने बैंक ट्रांजैक्शन के तमाम पुख्ता सबूतों के साथ सरकंडा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की तकनीकी और दस्तावेजी जांच शुरू कर दी है।
मामले में भाग 2 बहुत जल्द… बने रहें RM24 के साथ




