विशेष खोजी रिपोर्ट : छत्तीसगढ़ उद्यानिकी विभाग में निजी बीज कंपनी के खेल का दस्तावेजी खुलासा; 263 पन्नों की गोपनीय नस्तियों में कैद हैं लाइसेंस, सैंपलिंग और टेस्टिंग के राज!…

- M/s Surya Agrisciences Pvt. Ltd. के बीज कारोबार, टेस्टिंग रिपोर्ट और भंडारण केंद्रों के रिकॉर्ड्स पर पत्रकार के आरटीआई वार से विभाग में हड़कंप
- संचालनालय ने स्वीकार किया—’बिंदु A’ से जुड़ी 263 पन्नों की तकनीकी फाइलें मुख्यालय में संधारित; 526 रुपये शुल्क जमा करने पर मिलेंगी प्रमाणित प्रतियां
- स्थानीय वितरण और मैदानी हकीकत से जुड़ा ‘बिंदु B’ जशपुर और रायगढ़ जिलों पर छोड़ा; पत्थलगांव से लेकर नवा रायपुर तक अफसरों की सांसें अटकीं
जशपुर । छत्तीसगढ़ के उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग में निजी बीज कंपनियों के पंजीयन, विक्रय अनुमति और बीजों की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक पर्दाफाश सामने आया है। नवा रायपुर स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालय, इंद्रावती भवन से जारी दो अत्यंत महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेजों (पत्र क्रमांक 3278 एवं अशासकीय टीप क्रमांक 3275) ने बीज व्यापार और प्रशासनिक सांठगांठ के दायरे को जांच के केंद्र में ला खड़ा किया है।

खोजी पत्रकार द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) 2005 के तहत दायर आवेदन (आईडी: 220260908004079, दिनांक 09/09/2026) के जवाब में तकनीकी शाखा ने स्वीकार किया है कि निजी बीज कंपनी M/s Surya Agrisciences Pvt. Ltd. से जुड़ी तकनीकी जांच, बीज लाइसेंस और गुणवत्ता परीक्षणों के 263 पन्ने संचालनालय के पास मौजूद हैं।
किन-किन बिंदुओं पर घिरी निजी बीज कंपनी? – संचालनालय उद्यानिकी की तकनीकी शाखा (सीड लाइसेंस) द्वारा उप संचालक उद्यान के माध्यम से तैयार की गई अशासकीय टीप (दिनांक 16/09/2026) के अनुसार, आवेदन के बिंदु ‘A’ में कंपनी के पूरे कच्चे-चिट्ठे की मांग की गई थी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- पंजीयन व लाइसेंस : M/s Surya Agrisciences Pvt. Ltd. को छत्तीसगढ़ राज्य में बीज विक्रय हेतु जारी किया गया आधिकारिक पंजीयन और लाइसेंस।
- अनुमत फसलें व किस्में : कंपनी को किन-किन फसलों और उनकी विशेष किस्मों (Varieties) के व्यापार की अनुमति दी गई।
- आवेदन और प्रमाणपत्र : कंपनी द्वारा प्रस्तुत मूल आवेदन एवं उससे संबंधित विभागीय प्रमाणपत्र।
- 01 जनवरी 2020 से अब तक की टेस्टिंग रिपोर्ट्स : विगत वर्षों में कंपनी के बीजों से लिए गए नमूनों (Seed Samples) की टेस्टिंग रिपोर्ट और उनकी गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट (Quality Testing Reports)।
- भंडारण व विक्रय केंद्र : राज्य में कंपनी के अधिकृत विक्रय एवं भंडारण केंद्रों के वास्तविक पते तथा उनके भौतिक निरीक्षण से संबंधित अभिलेख।
- वैज्ञानिक पत्राचार : विभागीय अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिक संस्थाओं के मध्य बीजों के सत्यापन और नमूनों को लेकर हुआ संपूर्ण पत्राचार।
263 पन्नों का पुलिंदा तैयार, 526 रुपये के चालान पर टिकी निगाहें – संचालनालय के जनसूचना अधिकारी सह सहायक संचालक स्थापना, मीनू दास द्वारा जारी आधिकारिक पत्र (क्रमांक/उद्यान/RTI/2026-27/3278) में स्पष्ट किया गया है कि तकनीकी शाखा (सीड लाइसेंस) के अशासकीय पत्र क्रमांक 3275 (दिनांक 16.09.2026) के अनुसार चाही गई जानकारी कुल 263 पृष्ठों (A4 साइज) में संधारित है।
सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(1)(iii) के तहत 2 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से कुल 526.00 रुपये की अभिलेख शुल्क राशि जमा करने का निर्देश दिया गया है। यह राशि जमा होते ही ये सभी 263 प्रमाणित पृष्ठ आवेदक को सौंप दिए जाएंगे, जिससे विभागीय जांच और बीज परीक्षण की वास्तविक रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकेगी।
‘बिंदु B’ का पेंच : जशपुर और रायगढ़ के पाले में डाली गई गेंद – इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प मोड़ आवेदन के बिंदु ‘B’ को लेकर आया है। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि बिंदु ‘B’ से संबंधित जानकारी नवा रायपुर मुख्यालय में न होकर सीधे तौर पर जिला रायगढ़ और जिला जशपुर से जुड़ी हुई है। इसके लिए आवेदक को संबंधित जिला जनसूचना अधिकारियों के समक्ष पृथक से आवेदन लगाने का हवाला दिया गया है।
जानकारों के अनुसार, बिंदु ‘B’ में पत्थलगांव (जशपुर) और रायगढ़ के मैदानी इलाकों में किसानों को बांटे गए बीजों की वास्तविक आपूर्ति, स्थानीय शिकायतों, जमीनी सैंपलिंग और स्थानीय स्तर पर जारी किए गए बिल-वाउचरों का ब्योरा हो सकता है। संचालनालय स्तर से बिंदु ‘A’ की तकनीकी फाइलें बाहर आने के बाद, अब निगाहें जशपुर और रायगढ़ के उप संचालक कार्यालयों पर टिक गई हैं कि वहां के मैदानी अफसर क्या जानकारी सामने लाते हैं।




