बिलासपुर जिला अदालत में वकीलों के बीच झड़प : बलौदाबाजार आगजनी कांड का जिला बदर आरोपी कोर्ट में भिड़ा, काउंटर केस दर्ज…

बिलासपुर। न्याय के मंदिर के रूप में पहचाने जाने वाले बिलासपुर जिला न्यायालय परिसर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो अधिवक्ता पुरानी रंजिश को लेकर आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच खुलेआम लात-घूंसे चले और एक-दूसरे के कॉलर पकड़कर जमकर मारपीट की गई। मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि मारपीट में शामिल एक वकील बहुचर्चित बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट अग्निकांड मामले का आरोपी है, जिसे प्रशासन द्वारा जिला बदर किया जा चुका है।
पुरानी रंजिश में भड़का विवाद, देखते ही देखते बना अखाड़ा – सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित जिला न्यायालय परिसर में बुधवार को सामान्य दिनों की तरह कामकाज चल रहा था। इसी दौरान अधिवक्ता ओम प्रकाश बंजारे और अधिवक्ता मुकेश बंजारे आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हुई। विवाद कुछ ही पलों में गाली-गलौज से होते हुए हाथापाई तक पहुंच गया।
कोर्ट परिसर में मौजूद मुवक्किल और अन्य अधिवक्ता जब तक बीच-बचाव करते, तब तक दोनों वकील एक-दूसरे पर टूट पड़े। कोर्ट परिसर में खुलेआम हुई इस मारपीट से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और कानूनी मर्यादाएं तार-तार हो गईं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल : जिला बदर आरोपी वकील कोर्ट में कैसे? – पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि अधिवक्ता ओम प्रकाश बंजारे का नाम बलौदाबाजार कलेक्ट्रेट अग्निकांड में प्रमुखता से दर्ज है। उस हिंसक घटना के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे जिला बदर घोषित किया था।
जिला बदर की पाबंदी लागू होने के बावजूद ओम प्रकाश बंजारे का बिलासपुर जिला न्यायालय परिसर में खुलेआम घूमना और हिंसक वारदात को अंजाम देना सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, दोनों पक्षों पर काउंटर केस दर्ज – विवाद और मारपीट को बढ़ता देख न्यायालय परिसर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात आरक्षक ने तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों वकीलों को हिरासत में लेकर थाने ले आया।
थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सिविल लाइन थाना प्रभारी (टीआई) किशोर केंवट ने बताया:
- आपसी रंजिश : दोनों अधिवक्ता पूर्व में ‘भीम आर्मी’ संगठन से जुड़े रहे हैं और उनके बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही थी।
- कानूनी कार्रवाई : दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने काउंटर केस दर्ज कर लिया है।
- अग्रिम जांच : दोनों अधिवक्ताओं के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस कोर्ट परिसर में अशांति फैलाने और जिला बदर आदेश के उल्लंघन के तकनीकी पहलुओं की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।




