कांकेर में सनसनीखेज वारदात : परिचित पर भरोसा कर निकली 17 साल की किशोरी से जंगल में गैंगरेप, 4 दरिंदे गिरफ्तार…

कांकेर। जिले में भरोसे और रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है। मंगलवार रात अपने एक परिचित युवक के साथ घूमने निकली 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को सुनसान जंगल में ले जाकर चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया। पीड़िता को घर से करीब 30 किलोमीटर दूर कोरर के घने जंगलों में ले जाया गया था। परिजनों की सजगता और कांकेर कोतवाली पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते न सिर्फ पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया, बल्कि मामले में शामिल चारों आरोपियों को बुधवार को सलाखों के पीछे भेज दिया गया।
घूमने के बहाने बाइक पर बैठाया, फिर जंगल में बिछाया जाल – मिली जानकारी के अनुसार, मामला कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मंगलवार की रात करीब 9 बजे पीड़िता अपने घर पर थी। इसी दौरान उसका एक परिचित युवक अपने एक साथी के साथ बाइक से वहां पहुंचा। आरोपियों ने नाबालिग को घुमाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठा लिया।
नाबालिग को इस बात का तनिक भी अंदाजा नहीं था कि जिस परिचित पर वह भरोसा कर रही है, वह उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत मौत के मुंह में धकेल रहा है। आरोपी उसे शहर के रास्तों से दूर कोरर क्षेत्र के सुनसान जंगलों की ओर ले गए।
जंगल पहुंचते ही बुलाए अन्य साथी, बारी-बारी से नोचा – कोरर के घने जंगल में पहुंचते ही मुख्य आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों को भी फोन करके मौके पर बुला लिया। सुनसान और अंधेरे का फायदा उठाकर चारों दरिंदों ने नाबालिग को बंधक बना लिया। पीड़िता के विरोध और चीख-पुकार को अनसुना करते हुए चारों आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से हैवानियत की। किशोरी दरिंदों के सामने रहम की भीख मांगती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी और वारदात को अंजाम देकर उसे वहीं बेसुध हालत में छोड़ दिया।
परिजनों की तत्परता आई काम, रात में ही एक्शन में आई पुलिस – इधर, रात काफी गहरा जाने के बाद भी जब नाबालिग घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने अपने स्तर पर आसपास और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अनहोनी की आशंका को देखते हुए पीड़िता के पिता ने बिना देर किए देर रात कांकेर कोतवाली थाने पहुंचकर अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
मामले की संवेदनशीलता और नाबालिग से जुड़ा केस होने के कारण कोतवाली पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिरों के जरिए नाबालिग की खोजबीन शुरू की गई।
30 किलोमीटर दूर बदहवास मिली नाबालिग, बयां किया खौफनाक मंजर – पुलिस ने सर्विलांस और स्थानीय सूत्रों की मदद से लोकेशन ट्रेस की। जांच टीम सीधे शहर से 30 किलोमीटर दूर कोरर क्षेत्र के जंगलों में पहुंची, जहां नाबालिग बदहवास और डरी-सहमी हालत में मिली। पुलिस कर्मियों ने उसे तत्काल सुरक्षित संरक्षण में लिया और हिम्मत बंधाई। पूछताछ के दौरान किशोरी फूट-फूट कर रो पड़ी और अपने साथ हुए सामूहिक अनाचार की पूरी दास्तान बयान की।
पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने रात में ही विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी और बुधवार सुबह तक वारदात में शामिल मुख्य आरोपी, उसके सहयोगी और जंगल में पहुंचे अन्य दो आरोपियों समेत कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों का पक्ष – मामले को लेकर कांकेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) योगेश साहू ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने मामले में शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए फौरन कार्रवाई की है।
”परिजनों ने अपनी नाबालिग बेटी के रात 9 बजे बिना बताए चले जाने और लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की, जिसमें खुलासा हुआ कि दो युवक उसे बाइक से अपने साथ ले गए थे। पीड़िता को कोरर के जंगल से बरामद किया गया, जहां उसने चार युवकों द्वारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया। पीड़िता की निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।”
योगेश साहू, एडिशनल एसपी, कांकेर
पॉक्सो और गैंगरेप की संगीन धाराओं में केस दर्ज – पुलिस ने पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल टेस्ट) के लिए जिला अस्पताल भेजा और मनोचिकित्सक व महिला अधिकारियों की देखरेख में उसकी काउंसलिंग कराई गई। पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की सख्त धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस आरोपियों की क्राइम हिस्ट्री और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि अदालत में पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।




