रायगढ़

रायगढ़ : महालक्ष्मी कास्टिंग में 30 फीट ऊंचाई से गिरकर वेल्डर की मौत: 5 माह की मर्ग जांच के बाद सुपरवाइजर पर गैर-इरादतन हत्या की FIR; न हेलमेट था, न सेफ्टी बेल्ट…

रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्र पूंजीपथरा स्थित ‘महालक्ष्मी कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड’ में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते हुए हादसे में पुलिस ने औपचारिक आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। चिराईपानी (लाखा) स्थित इस प्लांट में करीब 30 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी जीवन-रक्षक उपकरण के वेल्डिंग कार्य कर रहे 50 वर्षीय श्रमिक मीर हसन की ऊंचाई से गिरने और सिर में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई थी। मर्ग जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर पूंजीपथरा थाना पुलिस ने 14 सितंबर को कंपनी के सुपरवाइजर आशिफ खान के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और सुरक्षा लापरवाही की गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

घटना का विवरण : 30 फीट ऊपर वेल्डिंग के दौरान फिसला पैर – ​प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (FIR No. 0239/2026) के तथ्यों के अनुसार, मूलतः ग्राम उत्तरा, जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) निवासी मीर हसन (50 वर्ष) महालक्ष्मी कास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, चिराईपानी लाखा में वेल्डर के पद पर कार्यरत थे। 15 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 10:30 बजे वे प्लांट में करीब 30 फीट की ऊंचाई पर वेल्डिंग का कार्य कर रहे थे। कार्य के दौरान अचानक पैर फिसलने से वे सीधे नीचे आ गिरे। अत्यधिक ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें (Head Injury & Shock) आईं।

​दुर्घटना के तुरंत बाद साथी मजदूरों और परिजनों की मदद से उन्हें रायगढ़ स्थित डॉ. आर.एल. अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आपातकालीन वार्ड में उपचार के दौरान उसी दिन (15 अप्रैल) शाम 4:11 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल की ओर से तहरीर मिलने पर शुरुआत में थाना सिटी कोतवाली में शून्य पर मर्ग कायम किया गया, जिसे बाद में असल नंबरी जांच हेतु पूंजीपथरा थाने स्थानांतरित कर मर्ग क्रमांक 25/2026 के तहत जांच में लिया गया।

मर्ग जांच में खुली पोल : सुरक्षा किट के बिना कराया जा रहा था जोखिम भरा काम – सहायक उपनिरीक्षक द्वारा की गई विस्तृत मर्ग जांच के दौरान मृतक के पुत्र मोहम्मद नदीम सहित कार्यस्थल पर उपस्थित प्रत्यक्षदर्शी सहकर्मियों – शिवम तिवारी, मदन कुमार और अमित सिंह के बयान दर्ज किए गए। गवाहों के बयानों और पंचनामा कार्यवाही में निम्नलिखित तथ्य उजागर हुए:

  • अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों का अभाव : 30 फीट की खतरनाक ऊंचाई पर वेल्डिंग जैसा संवेदनशील कार्य कराने के बावजूद सुपरवाइजर द्वारा श्रमिक को सुरक्षा बेल्ट (फुल बॉडी हार्नेस), हेलमेट अथवा अन्य आवश्यक फॉल-प्रोटेक्शन उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
  • लापरवाहीपूर्वक कार्य का दबाव : उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर (थाना ककदोली, ग्राम तेवरा) निवासी 30 वर्षीय सुपरवाइजर आशिफ खान (पिता: नूरहसन) द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा की अनदेखी कर घोर लापरवाहीपूर्वक कार्य कराया जा रहा था।
  • मौत का सीधा कारण : जांच में पाया गया कि पर्याप्त सुरक्षा साधन न मिलने और ऊंचाई से सीधे सिर के बल गिरने से आई गंभीर आंतरिक चोटों की वजह से ही मीर हसन की जान गई।

सुपरवाइजर के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में अपराध दर्ज – ​जांच प्रतिवेदन और साक्ष्यों के आधार पर पूंजीपथरा पुलिस ने 14 सितंबर 2026 की रात 21:30 बजे सुपरवाइजर आशिफ खान के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 106(1) (लापरवाही से किसी की मृत्यु कारित करना) तथा धारा 289 (मशीनरी अथवा खतरनाक कार्यप्रणाली में सुरक्षा की उपेक्षा) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अब मामले में कंपनी प्रबंधन की जवाबदेही और कार्यस्थल सुरक्षा नियमों के अनुपालन की दिशा में आगे की विवेचना कर रही है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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