पटवारी की पिटाई करने वाले BJP नेता जितेंद्र कुजूर पर कड़ा एक्शन : सरगुजा कलेक्टर ने ठोका जिला बदर, 6 जिलों की सीमा में घुसने पर लगा बैन…

सरगुजा। सरकारी दफ्तर में घुसकर कर्मचारी पर हाथ उठाने और सोशल मीडिया पर हथियारों की नुमाइश करने वाले भाजपा नेता को कानून का डंडा आखिरकार भारी पड़ गया। दरिमा भाजपा मंडल के पूर्व एसटी मोर्चा अध्यक्ष जितेंद्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर को जिला दंडाधिकारी अजीत वसंत की अदालत ने आदतन बदमाश करार देते हुए एक साल के लिए जिला बदर कर दिया है।
अब यह कथित दबंग नेता सरगुजा समेत आसपास के 6 जिलों – सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर और सूरजपुर – की सीमा में अगले एक साल तक कदम भी नहीं रख सकेगा। आदेश तत्काल प्रभाव से 10 सितंबर 2026 से लागू कर दिया गया है।
दफ्तर में घुसकर पटवारी और ऑपरेटर को बेरहमी से पीटा था – यह पूरी कार्रवाई 22 अप्रैल 2026 को कंठी पटवारी कार्यालय में हुई गुंडागर्दी के मामले में की गई है।
- आरोपी जितेंद्र कुजूर कार्यालय में घुसा और पटवारी प्रकाश मंडल से आरआई अनिता राजवाड़े के बारे में पूछताछ की।
- पटवारी ने जब कहा कि आरआई लंच पर हैं और दीवार पर लिखे नंबर से खुद कॉल करने की सलाह दी, तो नेताजी का पारा चढ़ गया।
- आपा खोकर कुजूर ने पटवारी की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
- बीच-बचाव करने पहुंचे कंप्यूटर ऑपरेटर को भी पीटा गया।
- पटवारी जान बचाकर बाहर भागे तो उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर लात और डंडों से मारा गया। पटवारी ने खुद को कमरे में बंद कर किसी तरह जान बचाई थी, जिसके बाद दरिमा पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
एसपी की रिपोर्ट पर गिरी गाज : सरगुजा एसपी ने जितेंद्र कुजूर के आपराधिक रिकॉर्ड और आदतन उपद्रवी रवैये को देखते हुए राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 (क) (ख) के तहत जिला बदर का प्रतिवेदन कलेक्टर अदालत में पेश किया था। अदालत ने आरोपी को कारण बताओ नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन पेश किए गए पुख्ता सबूतों के आधार पर दंडाधिकारी ने निष्कासन का कड़ा फैसला सुनाया।
हथियारों का शौक, रसूखदारों के साथ फोटो और संगठन की चुप्पी – आरोपी खुद को फिटनेस ट्रेनर बताता है और सोशल मीडिया पर खौफ बनाने के लिए बंदूकों और पिस्तौल के साथ वीडियो रील्स पोस्ट करता रहा है। अपनी दबंगई को सियासी कवच देने के लिए वह भाजपा विधायक प्रबोध मिंज, सांसद चिंतामणि महाराज और महापौर मंजूषा भगत जैसे दिग्गज नेताओं के साथ खिंचवाई तस्वीरें सोशल मीडिया पर चमकाता था।
इतनी गंभीर कार्रवाई और प्रशासनिक चाबुक चलने के बावजूद स्थानीय भाजपा संगठन ने अब तक आरोपी नेता के निष्कासन पर चुप्पी साध रखी है, जिससे सियासी गलियारों में भी सवाल उठ रहे हैं।




