
रायगढ़। रायगढ़ और जशपुर जिले की सरहद पर पत्रकारिता के नाम पर चल रहे ब्लैकमेलिंग, दलाली और एकतरफा प्रोपेगैंडा का पर्दाफाश होने का समय आ गया है। हाल ही में किसी द्वारा जारी किए गए एक वीडियो की आड़ लेकर जिस तरह से भ्रामक खबरें चलाई गईं और मनगढ़ंत नैरेटिव गढ़ा गया, उसने पूरे अंचल में मीडिया के गिरते स्तर और दोगले रवैये को उजागर कर दिया है।
लेकिन यह चुप्पी अब टूटने वाली है। पत्थलगांव, लैलूंगा, तमनार से लेकर जशपुर तक फैले इस भ्रष्ट सिंडिकेट की पोल खोलने के लिए मजबूत आरटीआई (RTI) दस्तावेज, विभागीय फाइलें और पुख्ता ऑडियो रिकॉर्डिंग्स पूरी तरह तैयार हैं।
रायगढ़ से जशपुर तक वायरल वीडियो का सच: सनसनी की आड़ में सौदेबाजी – हाल के दिनों में रायगढ़ और जशपुर के सीमावर्ती इलाकों में एक वीडियो को हथियार बनाकर कुछ तथाकथित पोर्टल और मीडियाकर्मी जबरन दबाव बनाने की साजिश में जुटे थे।
- बिना किसी जांच-परख और आधिकारिक पुष्टि के एकतरफा आरोप लगाए गए।
- जनहित से जुड़े असल मुद्दों को किनारे रखकर खबरों का इस्तेमाल निजी स्वार्थ और सौदेबाजी के लिए किया गया।
- प्रशासनिक व पुलिस जांच का इंतजार किए बिना खुद ही ‘अदालत’ लगाकर फैसला सुनाने का खेल खेला गया।
पत्थलगांव, लैलूंगा और तमनार: भ्रष्ट गठजोड़ पर कड़ा वार – जशपुर के पत्थलगांव से लेकर रायगढ़ के लैलूंगा और तमनार क्षेत्र तक ऐसे कई मामले दबाकर रखे गए थे, जहाँ जनता के अधिकारों पर डाका डाला गया:
- शिक्षा व पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर सवाल: जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय जशपुर की फाइलों में दबे मामलों और स्थानीय पुलिस थानों की कार्यशैली को लेकर आरटीआई से कई चौंकाने वाले तथ्य बाहर आए हैं।
- सिलेक्टिव खामोशी: बड़े प्रशासनिक घपलों, खाद कालाबाजारी और जनहित के मुद्दों पर यही दोगले पत्रकार मौन साध लेते हैं, लेकिन व्यक्तिगत हित साधने के लिए फर्जी खबरों को दिन-रात तूल देते हैं।
अब सार्वजनिक होंगे आरटीआई दस्तावेज और ऑडियो साक्ष्य – अब यह खेल और ज्यादा नहीं चलेगा। जशपुर और रायगढ़ अंचल के कोने-कोने में छुपाए गए भ्रष्टाचार का पूरा चिट्ठा सार्वजनिक करने की तैयारी हो चुकी है।
- आरटीआई (RTI) के तहत हासिल किए गए आधिकारिक सरकारी दस्तावेज।
- विभिन्न विभागों और पुलिस जांच से जुड़े ऑडियो साक्ष्य।
- ब्लैकमेलरों की पर्दे के पीछे की साठगांठ का पूरा कच्चा-चिट्ठा।
सच को दबाने और फर्जी खबरों के दम पर डराने का दौर अब हमेशा के लिए खत्म हो चुका है। रायगढ़ और जशपुर में पत्रकारिता की साख से खिलवाड़ करने वाले सावधान हो जाएं, क्योंकि इस बार हर एक मामले का हिसाब सबूतों के साथ सार्वजनिक तौर पर होगा!
साक्ष्य केस फ़ाइल बनने के बाद कोर्ट में बिल्कुल दिए जायेंगे….




