पत्थलगांव में कृषि विभाग का बड़ा स्ट्राइक: किसानों को लूट रहे ‘अन्नपूर्णा खाद भंडार’ पर पड़ा ताला, 7 दिनों के लिए दुकान सील…

पत्थलगांव | 9 अगस्त 2026। खाद की कालाबाजारी और किसानों से मनमानी वसूली करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। पत्थलगांव विकास खंड में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया बेच रहे ‘अन्नपूर्णा खाद भंडार’ पर कृषि विभाग की टीम ने गाज गिराते हुए उसे 7 दिनों के लिए सील कर दिया है।
शिकायत मिलते ही ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई : किसानों द्वारा लगातार मिल रही ओवररेटिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग की टीम ने अन्नपूर्णा खाद भंडार का औचक निरीक्षण और सत्यापन किया। जांच के दौरान जैसे ही यह साबित हुआ कि दुकान संचालक सरकारी तय दरों की धज्जियां उड़ाते हुए यूरिया को ऊंची कीमतों पर बेच रहा था, अधिकारियों ने बिना कोई मोहलत दिए दुकान को सील कर दिया।
उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत गिरी गाज : विभाग ने ‘उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985’ के कड़े प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की है। दुकान को 7 दिनों के लिए बंद करने के साथ ही संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
कार्रवाई करने वाली टीम:
- आर.के. पैंकरा (अनुविभागीय कृषि अधिकारी, पत्थलगांव)
- जीवन एक्का (वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी)
- मंत्री राम राठिया (कृषि विकास अधिकारी)
- कृष्ण कुमार चौधरी (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी)
अधिकारियों की दोटुक चेतावनी: ‘कालाबाजारी की तो खैर नहीं’
उप संचालक कृषि ने साफ कर दिया है कि पूरे जिले में रासायनिक खाद की उपलब्धता, वितरण और कीमतों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसानों की जेब पर डाका डालने वाले मुनाफाखोरों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
किसानों से अपील: उर्वरक खरीदते समय केवल सरकारी तय दरों का ही भुगतान करें। यदि कोई भी खाद विक्रेता निर्धारित दर से एक रुपया भी ज्यादा मांगे या वितरण में धांधली करे, तो बिना डरे तुरंत कृषि विभाग को सूचना दें।




