छत्तीसगढ़

कानून की उड़ी धज्जियां : कोर्ट से तलाक नामंजूर, फिर भी पति ने रचाई दूसरी शादी, सिस्टम ने मोड़ा मुंह!…

जशपुर/पत्थलगांव: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जो हमारी न्याय व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर जोरदार तमाचा है। एक बेबस पत्नी और उसके 7 साल के मासूम बच्चे को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया गया है। आरोपी पति ने कानून को ठेंगा दिखाते हुए सरेआम दूसरी शादी रचा ली है, और पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई करने के बजाय अपने हाथ खड़े कर लिए हैं।

दहेज के लालच में प्रताड़ना की इंतहा – ​सरकारी दस्तावेज़ों के पन्नों में एक दर्दनाक कहानी दबी है:

  • ​पीड़िता की शादी 22 अप्रैल 2016 को पुरानी बस्ती, पत्थलगांव निवासी रोशन गुप्ता (पिता- श्याम नारायण गुप्ता) के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों से हुई थी।
  • ​दोनों का एक 7 साल का बेटा भी है।
  • ​शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने विवाद और प्रताड़ना का खौफनाक खेल शुरू कर दिया।
  • ​मजबूर होकर पीड़िता को झारखंड के गुमला जिले (थाना घाघरा) में अपने पति और ससुराल वालों (श्याम नारायण गुप्ता, नमिता गुप्ता, प्रतिमा गुप्ता) के खिलाफ अपराध क्रमांक 150/2019 के तहत गंभीर धाराओं (498A, 341, 323, 506, 34 भादवि एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम 3,4) में मामला दर्ज कराना पड़ा।
  • ​यह मामला आज भी माननीय न्यायालय गुमला में विचाराधीन है।

कोर्ट के फैसले को भी नहीं माना, कर ली दूसरी शादी! – ​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी पति रोशन गुप्ता ने अपनी पहली पत्नी से पीछा छुड़ाने के लिए गुमला के परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई थी। लेकिन, माननीय न्यायालय ने उसकी इस अर्जी को साफ तौर पर खारिज कर दिया था।

इसके बावजूद, कानून की धज्जियां उड़ाते हुए और विधिवत तलाक हुए बिना ही आरोपी ने जशपुर रोड, पत्थलगांव निवासी एक अन्य युवती से दूसरी शादी रचा ली।

सिस्टम का शर्मनाक रवैया : पुलिस बनी मूकदर्शक – जब पीड़िता न्याय की आस में गुहार लगाने पहुंची, तो उसे सिस्टम की क्रूरता का असली चेहरा देखने को मिला:

    • ​पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार करने या कोई ठोस कदम उठाने के बजाय, पीड़िता को केवल फैना क्रमांक 43/2026 थमा दिया और ‘सक्षम न्यायालय में शरण लेने’ की नसीहत देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
    • ​हद तो तब हो गई जब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी 03 जून 2026 की इसी पुलिस रिपोर्ट (ATR) को ढाल बनाकर मामले को ही रफा-दफा कर दिया।

    सबसे बड़ा सवाल : क्या हमारे देश का सिस्टम इतना लाचार हो गया है कि एक व्यक्ति खुलेआम बिना तलाक के दूसरी शादी कर ले और पुलिस उसे पकड़ने के बजाय पत्नी को ही कोर्ट के चक्कर काटने की सलाह दे? न्याय की देवी की आंखों पर बंधी पट्टी आखिर कब खुलेगी?

    Admin : RM24

    Investigative Journalist & RTI Activist

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