शिकार करने उतरा शिकारी, खुद बना मौत का शिकार: तखतपुर के सुरीघाट में मछली मारने बिछाया था करंट का जाल, झुलसकर युवक की दर्दनाक मौत…

बिलासपुर। जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ सुरीघाट में अवैध रूप से मछली पकड़ने की कोशिश एक युवक के लिए काल बन गई। मछली मारने के फेर में युवक ने नदी के पानी में बिजली का करंट प्रवाहित किया था, लेकिन नियति का खेल देखिए कि जिस जाल को उसने मछलियों के लिए बुना था, उसी ‘मौत के जाल’ में वह खुद फंस गया और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया।
घटना का विवरण : संभलने का मौका तक नहीं मिला – मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मयाराम केवट (उम्र 35 वर्ष) के रूप में हुई है। मयाराम मछली पकड़ने का शौकीन था और अक्सर सुरीघाट क्षेत्र में शिकार के लिए जाता था। बुधवार को वह बिजली के तारों के साथ नदी किनारे पहुंचा। उसने मछली के बड़े शिकार के लालच में अवैध रूप से बिजली लाइन से हुकिंग कर नदी के पानी में नंगे तार डाल दिए।
जैसे ही पानी में करंट दौड़ा, अचानक मयाराम का पैर फिसल गया या वह अनजाने में उसी पानी के संपर्क में आ गया। पानी में हाई-वोल्टेज करंट होने के कारण उसे संभलने का एक पल भी नहीं मिला। झटके इतने तेज थे कि मयाराम मौके पर ही ‘मौत के आगोश’ में समा गया।
प्रशासन की लापरवाही और ग्रामीणों का आक्रोश – इस घटना ने क्षेत्र में चल रहे अवैध शिकार और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये की पोल खोल दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि तखतपुर के नदी-नालों में करंट लगाकर मछली मारना एक ‘खूनी शौक’ बन चुका है।
- बिजली विभाग की चुप्पी : अवैध रूप से बिजली के खंभों से तार खींचकर पानी में डाल दिए जाते हैं, लेकिन बिजली विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगती।
- पुलिस का खौफ खत्म : क्षेत्र में गश्त और सख्त कार्रवाई के अभाव में लोग बेखौफ होकर कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आज तो मयाराम खुद शिकार हुआ, लेकिन कई बार इन तारों की चपेट में बेकसूर मवेशी और नहाने गए मासूम बच्चे भी आ सकते हैं। यह एक बड़ा खतरा है जो हर दिन मंडरा रहा है।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच – घटना की सूचना मिलते ही तखतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को पानी से बाहर निकलवाया। शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
थाना प्रभारी का बयान :
”मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिक दृष्टि में मामला करंट लगने से मौत का है। बिजली के अवैध उपयोग और मछली पकड़ने के इस जानलेवा तरीके को रोकने के लिए विभाग को सख्त निर्देश दिए जाएंगे।”
चेतावनी : लालच और लापरवाही का अंत – यह घटना उन सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो चंद मछलियों के लालच में अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालते हैं। पानी और बिजली का मेल हमेशा घातक होता है, और सुरीघाट की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि “कानून तोड़कर किया गया शिकार, अक्सर खुद शिकारी को ही निगल जाता है।”




