महिला सशक्तिकरण की बुलंद तस्वीर : रायगढ़ में 4.07 करोड़ से संवर रहा महिलाओं का भविष्य, 15 ‘महतारी सदनों’ से आएगी आत्मनिर्भरता की क्रांति…

रायगढ़ | 20 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उन्हें सामाजिक नेतृत्व के लिए एक सशक्त मंच भी प्रदान कर रही है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले में 4 करोड़ 7 लाख 60 हजार रुपए की लागत से 15 महतारी सदनों का जाल बिछाया जा रहा है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, ये सदन ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वावलंबन और सामाजिक समरसता का नया केंद्र बनेंगे।
मिशन मोड पर काम : 6 सदन तैयार, बाकी पर ‘फुल स्पीड’ में काम – जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के रोडमैप के तहत निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- पूर्ण कार्य: 06 (महापल्ली, गोपालपुर, छिछोरउमरिया, गढ़उमरिया, छर्राटांगर, भुईयापानी)
- प्रगतिरत: 06 (लोईंग, बनोरा, बड़े हरदी, कोड़ातराई, तुरेकेला, बर्रा)
- लक्ष्य : धरमजयगढ़ के बाकारूमा, कुड़ेकेला और आमापाली में भी कार्य तेजी से जारी हैं।
कलेक्टर का ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन : वनांचल में औचक निरीक्षण – कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज शुक्रवार को कार्यालय की सुख-सुविधा छोड़ धरमजयगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों का रुख किया। कुड़ेकेला में निर्माणाधीन महतारी सदन की ईंट-ईंट को परखते हुए कलेक्टर ने सख्त लहजे में अधिकारियों को चेतावनी दी।
“गुणवत्ता से समझौता यानी सीधे कार्रवाई। लापरवाही की गुंजाइश शून्य है।” – कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का अधिकारियों को कड़ा संदेश
अफसरों को अल्टीमेटम : ‘एसी’ रूम छोड़ फील्ड में उतरें तकनीकी अधिकारी – कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (RES) के अधिकारियों को दो टूक कहा है कि वे केवल कागजों पर मॉनिटरिंग न करें, बल्कि मौके पर जाकर तकनीकी मानकों की जांच करें। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की इस प्राथमिकता वाली योजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्यों खास हैं ये महतारी सदन? – ये केवल भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सपनों को उड़ान देने वाले केंद्र होंगे जहाँ:
- सामूहिक गतिविधियां: महिलाएं एक छत के नीचे बैठकें और चर्चा कर सकेंगी।
- कौशल विकास: विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण लेकर आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं की सीधी पहुंच आसान होगी।
रायगढ़ जिला प्रशासन की यह सक्रियता बताती है कि आने वाले समय में जिले की महिलाएं विकास की मुख्यधारा में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।




