शिक्षा के मंदिर में ‘अंधविश्वास’ का तांडव: दुर्ग के स्कूल में तंत्र-मंत्र के बाद आगजनी और चोरी, दहशत में मासूम…

दुर्ग। जिले से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के केलाबाड़ी सरकारी स्कूल में अज्ञात शरारती तत्वों ने न केवल शिक्षा के माहौल को दूषित किया, बल्कि तंत्र-मंत्र की खौफनाक वारदात को अंजाम देकर पूरे स्कूल परिसर में दहशत फैला दी है। अपराधियों ने स्कूल में तोड़फोड़ की, फर्नीचर को आग के हवाले कर दिया और जाते-जाते पंखे भी चोरी कर ले गए।
वारदात का खौफनाक मंजर : सिंदूर, चुनरी और गालियां – जब शिक्षक और बच्चे स्कूल पहुँचे, तो नज़ारा देखकर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। कक्षा के दरवाजे पर चुनरी, माला और गोबर-मिट्टी से तांत्रिक आकृतियां बनी हुई थीं। पूरे गलियारे और कमरों में सिंदूर का छिड़काव किया गया था। हद तो तब हो गई जब उपद्रवियों ने स्कूल की दीवारों और दरवाजों पर अश्लील गालियां लिख दीं।
सिर्फ अंधविश्वास नहीं, सोची-समझी साजिश! – यह मामला सिर्फ तंत्र-मंत्र तक सीमित नहीं रहा। उपद्रवियों ने स्कूल की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया है:
- आगजनी : क्लासरूम के भीतर टेबल और कुर्सियों को इकट्ठा कर आग लगा दी गई।
- तोड़फोड़ और चोरी : पंखों को उखाड़कर चोरी कर लिया गया और फर्नीचर को बेरहमी से तोड़ा गया।
- परीक्षा के समय मानसिक प्रहार : वर्तमान में वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी चल रही है, ऐसे समय में बच्चों और शिक्षकों के बीच डर का माहौल पैदा करना किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है।
पुलिस की भूमिका और शिक्षा विभाग की चिंता : स्कूल की प्रधान पाठिका शमा बेगम ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और पद्मनाभपुर पुलिस को तत्काल सूचना दी है।
”भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित 130 बच्चों के इस स्कूल में ऐसी घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।”
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी और तोड़फोड़ का मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन वारदातों के पीछे का मास्टरमाइंड कौन है?
पुराना इतिहास: दुर्ग में बढ़ता ‘तांत्रिक’ अपराध – यह दुर्ग में अपनी तरह की पहली घटना नहीं है। कुछ महीनों पहले बोरसी के सरकारी स्कूल में भी इसी तरह एक कोयल की बलि देकर तांत्रिक अनुष्ठान किया गया था। बार-बार सरकारी स्कूलों को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि असामाजिक तत्व शिक्षा व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।



