बड़ा खुलासा: जशपुर में राजस्व रिकॉर्ड में ‘काली बाजीगरी’, बिना किसी आदेश के बदल गए जमीन के मालिक!….

पत्थलगांव (जशपुर): छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग में जमीन के खेल का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पत्थलगांव तहसील के ग्राम ढोढागांव निवासी एक आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन को बिना किसी कानूनी आधार या सक्षम अधिकारी के आदेश के रातों-रात सरकारी रिकॉर्ड से गायब कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला? – आवेदक फेरोन बड़ा ने तहसीलदार न्यायालय में गुहार लगाई कि उनके पिता स्व. सालिक राम के नाम पर ग्राम पत्थलगांव (प.ह.नं. 06) में 2.015 हेक्टेयर (करीब 5 एकड़) बेशकीमती जमीन दर्ज थी। साल 2021 में पिता की मृत्यु के बाद जब वारिसों ने ‘फौती’ (नाम सुधार) के लिए रिकॉर्ड निकलवाया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
रिकॉर्ड से गायब हुआ नाम, दूसरी महिला बनी मालकिन – जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2011-12 तक तो सब ठीक था, लेकिन 2013-14 के मैनुअल खसरा पांचसाला में अचानक बाजी पलट गई। बिना किसी सेल डीड, दानपत्र या कोर्ट ऑर्डर के सालिक राम का नाम विलोपित कर दिया गया और पूरी जमीन सुशीला कुजूर नामक महिला के नाम पर ऑनलाइन ‘भुइयां’ पोर्टल पर चढ़ा दी गई।
पटवारी की रिपोर्ट ने खोली पोल : तहसीलदार द्वारा नियुक्त हल्का पटवारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि:
- यह हस्तांतरण कैसे हुआ, इसका कोई अता-पता नहीं है।
- सरकारी फाइलों में इस बदलाव से संबंधित कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
- अनावेदिका सुशीला कुजूर भी कोर्ट में अपनी मिल्कियत साबित करने के लिए कोई कागज पेश नहीं कर सकीं।
तहसीलदार का बड़ा एक्शन: एसडीएम को भेजी फाइल : मामले की गंभीरता और रिकॉर्ड में हुई ‘धोखाधड़ी’ को देखते हुए तहसीलदार प्रांजल मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 115-116 के तहत इस प्रविष्टि को ‘त्रुटिपूर्ण’ मानते हुए सुधार का प्रस्ताव तैयार किया है। तहसीलदार ने पूरी फाइल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पत्थलगांव को अग्रिम कार्यवाही और अंतिम आदेश के लिए भेज दी है, ताकि पीड़ित आदिवासी परिवार को उनका हक वापस मिल सके।
बड़ा सवाल : आखिर राजस्व विभाग के किन ‘सफेदपोश’ जिम्मेदारों की मिलीभगत से बिना किसी आदेश के इतनी बड़ी जमीन का मालिक बदल दिया गया? क्या एसडीएम इस मामले में दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देंगे?



