लैलूंगा में दबंगई की पराकाष्ठा: बोरिंग पर पानी भरने गई महिला से सरेआम बदसलूकी, गाली-गलौच के बाद फाड़े कपड़े!…

लैलूंगा। मानवता को शर्मसार और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला कुंजारा (नवीन) से सामने आया है। यहाँ एक प्यासी महिला को पानी भरने की कीमत अपनी मर्यादा और सम्मान से चुकानी पड़ी। बोरिंग पर पानी लेने के मामूली विवाद ने ऐसा हिंसक रूप लिया कि आरोपी ने न केवल मारपीट की, बल्कि भरी बस्ती में महिला के कपड़े तक फाड़ दिए।
विवाद नहीं, यह तो गुंडागर्दी है! – घटना सोमवार, 29 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे की है। कुंजारा निवासी 50 वर्षीया साधमती कसेर अपने पति लक्ष्मी नारायण के साथ बस्ती के बोरिंग पर पानी लेने गई थीं। तभी वहाँ मौजूद जनेश्वर कुशवाहा ने “यहाँ पानी क्यों गिरा रहे हो” की रट लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि जनेश्वर ने आव देखा न ताव और गंदी-गंदी गालियां देते हुए उन पर हमला कर दिया। बात सिर्फ मारपीट तक नहीं रुकी; आरोपी ने सरेआम महिला के साथ झूमाझटकी करते हुए उनके वस्त्र फाड़ दिए और समूची बस्ती के सामने उन्हें बेइज्जत किया।
थाने पहुँची लहूलुहान महिला, न्याय की गुहार : इस अपमानजनक घटना से डरी-सहमी और आहत पीड़िता तुरंत थाना लैलूंगा पहुँची। उन्होंने थाना प्रभारी के नाम लिखित शिकायत सौंपकर आरोपी जनेश्वर कुशवाहा के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि बिना किसी बड़ी वजह के उन्हें सरेराह जलील किया गया है।
इलाके में आक्रोश : क्या सुरक्षित हैं महिलाएं? – इस घटना ने कुंजारा और आसपास के क्षेत्रों में भारी जनाक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सार्वजनिक बोरिंग पर पानी भरने जैसी बुनियादी जरूरत के समय भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो यह प्रशासन की विफलता है।
बड़ा सवाल: क्या लैलूंगा पुलिस आरोपी जनेश्वर कुशवाहा को सलाखों के पीछे भेजकर पीड़िता को न्याय दिला पाएगी? या रसूख के आगे कानून फिर बौना साबित होगा?
फिलहाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। अब देखना यह है कि पुलिस की कार्रवाई कितनी “धारदार” होती है।




