
फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। जिले के रनचिरई थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अगवा करने और उसके साथ घिनौना अपराध (दुष्कर्म) अंजाम देने की गंभीर घटना सामने आई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा, जबकि अपराध में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का मामला दर्ज
रनचिरई पुलिस से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर थाना रनचिरई में अपराध क्रमांक 136/2026 दर्ज किया गया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1), 70(2), 137(2), 127(2) तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) एक्ट की धारा 4(2) एवं 6 के तहत गंभीर धाराओं में मामला पंजीकृत कर जांच प्रारंभ की गई।
पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना कोई समय गंवाए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी और चौबीस घंटे के अंदर सभी संदिग्धों को पकड़ लिया। पकड़े गए बालिग आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, वहीं नाबालिग आरोपी के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपियों और किशोर का विवरण
◽गितेश्वर साहू (उम्र 19 वर्ष), निवासी: ग्राम परसदा, थाना रनचिरई, जिला बालोद।
◽चंद्रशेखर साहू (उम्र 18 वर्ष), निवासी: ग्राम परसदा, थाना रनचिरई, जिला बालोद।
◽विधि से संघर्षरत बालक : घटना में संलिप्त पाए गए एक अन्य किशोर को विधि के प्रावधानों के अनुसार अभिरक्षा में लिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्यवाही
यह पूरी कार्यवाही बालोद पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के कुशल मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना के निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) गुण्डरदेही श्रीमती श्रुति सिंह के सीधे पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।
थाना प्रभारी रनचिरई, निरीक्षक उत्तम गावड़े के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कुशलता और तत्परता का परिचय देते हुए आरोपियों को ट्रेस कर सलाखों के पीछे पहुंचाया। इस सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक उत्तम गावड़े एवं रनचिरई थाने के समर्पित पुलिसकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही।
बालोद एसपी की आम जनता से अपील
मामले की जानकारी देते हुए बालोद पुलिस अधीक्षक ‘किरण गंगाराम चव्हाण’ ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा और उनके संरक्षण को पहली प्राथमिकता दें। यदि किसी भी नागरिक को नाबालिगों के खिलाफ हो रहे किसी भी प्रकार के अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन को सूचित करें। छत्तीसगढ़ पुलिस ने दोहराया है कि बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले तत्वों के विरुद्ध कानून के तहत सबसे कठोर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।




