‘ऑपरेशन शंखनाद’ में लैलूंगा पुलिस का डंका: थाना प्रभारी गिरधारी साव जिले में अव्वल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सम्मानित…

- तस्करों और माफियाओं पर चला पुलिस का हंटर, स्वतंत्रता दिवस पर मिला उत्कृष्ट सेवा का इनाम…
लैलूंगा / रायगढ़ :अपराधियों के मंसूबों को ध्वस्त करने और अवैध धंधों की कमर तोड़ने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ में लैलूंगा पुलिस ने पूरे जिले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर मिसाल कायम की है। अभियान में बेजोड़ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव को जिले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायगढ़ में आयोजित भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए मंच से सम्मानित किया।
पशु तस्करों और नशा माफियाओं में हड़कंप – थाना प्रभारी गिरधारी साव की अगुवाई में लैलूंगा पुलिस ने क्षेत्र में संगठित अपराध पर सीधा प्रहार किया:
- तस्करी के नेटवर्क पर चोट: पशु तस्करी के अवैध सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए ताबड़तोड़ छापे मारे गए और मवेशियों को मुक्त कराया गया।
- नशे के कारोबार पर लगाम: अवैध शराब, गांजा व नशीली दवाओं के नेटवर्क पर चौतरफा घेराबंदी कर माफियाओं की कमर तोड़ी गई।
- सख्त पुलिसिंग: 24 घंटे की सतर्कता और सटीक खुफिया तंत्र से असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी गई, जिससे समूचे इलाके में अपराधियों के हौसले पस्त हैं।
पूरी टीम के समर्पण का सम्मान – मंच से मिला यह सम्मान केवल एक अधिकारी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि लैलूंगा थाने के प्रत्येक जवान के पसीने, समर्पण और रात-दिन की मुस्तैदी का परिणाम है। इस सम्मान ने यह साबित कर दिया है कि निष्ठा और सख्ती से की गई पुलिसिंग का परिणाम हमेशा सुखद होता है।
राज्यपाल पुरस्कार से भी हो चुके हैं अलंकृत – उल्लेखनीय है कि थाना प्रभारी गिरधारी साव का उत्कृष्ट पुलिसिंग का ट्रैक रिकॉर्ड पुराना है। पूर्व में भी उनके सराहनीय और साहसिक कार्यों के लिए उन्हें ‘राज्यपाल पुरस्कार’ से नवाजा जा चुका है। अब ‘ऑपरेशन शंखनाद’ में जिले भर में पहला स्थान और स्वतंत्रता दिवस पर वित्त मंत्री के हाथों सम्मान उनके करियर में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ता है।
अपराधियों को दो टूक चेतावनी: लैलूंगा की सीमा में अवैध धंधे, तस्करी या गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस की यह सख्ती आगे और भी आक्रामक रूप में जारी रहेगी।




