बड़ी खबर : भारत में विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए ‘फंडिंग’ का खेल! ED ने किया अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़…

नई दिल्ली/बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देश की वित्तीय सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (TTI) नामक संस्था के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि भारत में विदेशी बैंक खातों के जरिए करोड़ों रुपये गैरकानूनी तरीके से खपाए जा रहे थे।
विदेशी कार्ड, भारतीय ATM और नक्सली इलाकों का कनेक्शन – ED की जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया है कि अमेरिका के Truist Bank के डेबिट कार्ड्स का इस्तेमाल कर भारत के अलग-अलग राज्यों में ATM से धड़ल्ले से कैश निकाला जा रहा था। सबसे खतरनाक बात यह है कि इस पैसे का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित (LWE) इलाकों में इस्तेमाल किया जा रहा था।
मुख्य बिंदु :
- पकड़ा गया मास्टरमाइंड : बेंगलुरु एयरपोर्ट पर मीका मार्क नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद हुए।
- 95 करोड़ का काला खेल : नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये इन विदेशी कार्डों के जरिए भारत में लाए गए।
- समानांतर अर्थव्यवस्था : ED के मुताबिक, इन कार्डों के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक ‘पैरेलल कैश इकोनॉमी’ खड़ी की जा रही थी, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
- डिजिटल सबूत : जांच में एक ऑनलाइन बिलिंग प्लेटफॉर्म का भी पता चला है, जिसे भारत के बाहर से ऑपरेट किया जा रहा था ताकि इन अवैध लेन-देन का हिसाब रखा जा सके।
ED की बड़ी कार्रवाई – 18 और 19 अप्रैल को देश के 6 ठिकानों पर की गई छापेमारी में ED ने अब तक:
- 25 विदेशी डेबिट कार्ड जब्त किए हैं।
- 40 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं।
- भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
जांच एजेंसी का कहना है : “यह केवल फेमा (FEMA) का उल्लंघन नहीं, बल्कि संगठित तरीके से भारत की वित्तीय अखंडता को चुनौती देने की कोशिश है। ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ (TTI) जैसी संस्थाएं, जो FCRA के तहत पंजीकृत नहीं हैं, विदेशी धन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए कर रही थीं।”
फिलहाल, मामले की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी जांच जारी है। इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।




