रायपुर में खूनी संघर्ष : बाइक की टक्कर ने सुलगाया मोमिन पारा, आधी रात को चले लाठी-डंडे और हथियार

रायपुर। राजधानी के आजाद चौक थाना क्षेत्र में शनिवार की रात उस वक्त ‘रणक्षेत्र’ में तब्दील हो गई, जब मोमिन पारा और बढ़ई पारा के दो गुट आपस में भिड़ गए। महज एक बाइक की टक्कर से शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस हिंसक झड़प में कई लोगों के सिर फट गए, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग लहूलुहान हुए हैं।
विवाद की जड़ : मामूली टक्कर और फिर तांडव – घटना रात करीब 10:30 से 11:00 बजे के बीच की है। बताया जा रहा है कि बढ़ई पारा के कुछ नाबालिग लड़कों की बाइक, मोमिन पारा के युवकों से टकरा गई थी। बात गाली-गलौज से शुरू हुई, लेकिन चंद मिनटों में ही दोनों तरफ से ‘बड़ों’ की एंट्री हो गई। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी।
- हथियारों का इस्तेमाल : प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला किया। आरोप है कि इस दौरान धारदार हथियारों का भी जमकर इस्तेमाल हुआ।
- घायलों की स्थिति : हमले में तीन युवकों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। कुल आधा दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनका उपचार जारी है।
थाने का घेराव और पुलिस की ‘किलेबंदी’ – वारदात के बाद गुस्साए लोगों का हुजूम आजाद चौक थाने पहुँच गया। देर रात तक थाने के बाहर भारी गहमागहमी और तनाव का माहौल बना रहा। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने फौरन 50 से अधिक पुलिस जवानों और आला अधिकारियों को मैदान में उतार दिया। पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है ताकि दोबारा हिंसा न भड़क सके।
एक्शन मोड में प्रशासन : एसीपी आजाद चौक, इशु अग्रवाल ने सख्त लहजे में कहा है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
”दोनों पक्षों की शिकायतों पर FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की बारीकी से विवेचना की जा रही है। साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बल तैनात है।”
बड़ा सवाल : क्या मामूली सी बात पर राजधानी की सड़कों पर इस तरह का खून-खराबा कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती नहीं है? पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर दंगाइयों की कुंडली खंगाल रही है।




