
फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
कांकेर। जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां फॉग मशीन खरीदने के बहाने दो युवकों ने माल लूट लिया। पुलिस ने अब इस ठगी के मुख्य आरोपी देवेंद्र श्रीवास (18 वर्ष) और ताराचंद देशलहरा (20 वर्ष), दोनों वार्ड नंबर 5, 256 कॉलोनी, शिकारीबाबा, दल्ली राजहरा निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित व्यापारी पूनम बघेल की शिकायत पर दर्ज मामले में पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया। यह घटना व्यापारियों के बीच सतर्कता का संदेश दे रही है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब लखनपुरी के फॉग मशीन विक्रेता पूनम बघेल ने 12 मार्च 2026 को भानुप्रतापपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पूनम पिता जीवनलाल बघेल (29 वर्ष), निवासी कनापोड़ा, लखनपुरी, थाना चारामा, उत्तर बस्तर कांकेर, ‘बघेल इन्वेंट एसएफएक्स’ के संचालक हैं। 26 फरवरी 2026 को तुकेश देवांगन के मोबाइल नंबर 𝟵𝟭𝟬𝟵𝟲𝟯𝟮𝟳𝟯𝟳 से उनके नंबर 𝟳𝟴𝟲𝟵𝟳𝟳𝟮𝟳𝟮𝟭 पर फॉग मशीन का ऑर्डर आया। व्यस्तता के कारण उन्होंने सहकर्मी दीपेश साहू और साहिल साहू को महिंद्रा बोलेरो (सीजी 04 एचवाई 0603) से फॉग मशीन भानुप्रतापपुर भेजी।

लगभग दोपहर 1:30 बजे पोस्ट ऑफिस के सामने टाटा छोटा हाथी वाहन में दो संदिग्ध युवक पहुंचे। उन्होंने फॉग मशीन को अपने वाहन में लोड कर लिया और एडवांस बयाना देने का लालच देकर कर्मचारियों को रेस्ट हाउस के पास रुकने को कहा। पांच घंटे गुजरने के बाद भी वे नजर नहीं आए और गायब हो गए। इससे फॉग मशीन और पैसे दोनों की ठगी हो गई। पीड़ित ने तत्काल थाने पहुंचकर शिकायत की।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल अशोक राखेचा (भापुसे) के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल के मार्गदर्शन तथा अनुविभागीय अधिकारी शेरबहादुर सिंह ठाकुर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी भानुप्रतापपुर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने गहन जांच, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से दोनों आरोपी तक पहुंच बनाई। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ जारी है, जिसमें अन्य ठगी के मामले भी सामने आ सकते हैं।
यह कार्यवाही न केवल पीड़ित को न्याय दिलाएगी, बल्कि क्षेत्र में अपराधियों को सख्त संदेश भी देगी। पुलिस अपील कर रही है कि व्यापारी ऑर्डर लेते समय सतर्क रहें, एडवांस लें और वाहन नंबर व पहचान-पत्र जांचें। भानुप्रतापपुर थाना इस तरह की घटनाओं पर नजर रखे हुए है।




