खल्लारी मंदिर में मौत का ‘रोप-वे’ : नवरात्रि के चौथे दिन बड़ा हादसा, केबल टूटने से चट्टानों पर गिरी ट्रॉली; युवती की मौत…

महासमुंद। आस्था के केंद्र खल्लारी माता मंदिर में रविवार की सुबह उस वक्त मातम में बदल गई, जब दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की रोप-वे ट्रॉली काल का ग्रास बन गई। सुबह करीब 10:30 बजे रोप-वे का मुख्य केबल अचानक टूट गया, जिससे ट्रॉली अनियंत्रित होकर 20 फीट की ऊंचाई से सीधे पहाड़ी की नुकीली चट्टानों पर जा गिरी। इस भीषण हादसे में एक युवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों और बुजुर्गों समेत 4 अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे का घटनाक्रम : पल भर में चीखों में बदली जयकारे की गूँज – चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन होने के कारण मंदिर में भक्तों का तांता लगा था। हादसा उस वक्त हुआ जब पांचों श्रद्धालु माता के दर्शन कर रोप-वे से नीचे उतर रहे थे।
- केबल फेलियर : हवा में लटकी ट्रॉली का केबल अचानक झटके के साथ टूट गया।
- सीधे चट्टान से टक्कर : ट्रॉली बिना किसी नियंत्रण के नीचे गिरी और नीचे स्थित ठोस पहाड़ी चट्टान से जा टकराई।
- मौके पर मची भगदड़ : धमाके जैसी आवाज और पीड़ितों की चीखें सुनकर मंदिर परिसर में मौजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।
राहत और बचाव कार्य : घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला। दुर्गम रास्ता होने के बावजूद घायलों को निजी वाहनों की मदद से तत्काल बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल : स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों ने सीधे तौर पर रोप-वे प्रबंधन और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं:
- मेंटेनेंस का अभाव : ग्रामीणों का कहना है कि रोप-वे के नियमित रखरखाव की अनदेखी की गई।
- सुरक्षा मानकों की बलि : नवरात्रि जैसे भीड़भाड़ वाले समय में भी सुरक्षा जांच (Safety Audit) नहीं की गई।
- भीड़ का दबाव : क्षमता से अधिक भार या तकनीकी खराबी, दोनों ही स्थितियों में प्रशासन की निगरानी शून्य रही।
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व : खल्लारी माता का मंदिर महासमुंद से 25 किमी दूर एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहाँ पहुँचने के लिए 800 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। महाभारत काल से जुड़े इस मंदिर में हर साल लाखों लोग मत्था टेकने आते हैं। दुर्गम चढ़ाई से बचने के लिए बुजुर्ग और बच्चे अक्सर रोप-वे का सहारा लेते हैं, जो आज जानलेवा साबित हुआ।
घायल लोगों की सूची : एसडीएम नमिता मार्कोले के अनुसार घायलों में शामिल हैं :
- महासमुंद : गोविंद स्वामी, नमिता स्वामी, अंशुका स्वामी
- टिकरापारा, रायपुर : हेमलाल नागेश्वर, रतन नागेश्वर, हेमिन, हुलसी, पूर्वी, टिया, अमलेश
- दलदल सिवनी, रायपुर : टोमेश्वरी साहू, कुमेश साहू, हर्ष साहू
- राजा तालाब, रायपुर : ऋषभ धावरे, छ्यांश, मनस्वी
- मृतक : आयुषी (राजा तालाब, रायपुर)
जांच के आदेश : प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने रोप-वे संचालन को फिलहाल रोक दिया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि धार्मिक स्थलों पर बुनियादी ढांचे और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कितनी बड़ी कीमत वसूल सकता है।




