जशपुर

जशपुर पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: पिछले एक सप्ताह में 70 मवेशी बचाए गए, 5 तस्कर गिरफ्तार…

जशपुर। जिले में गौ-तस्करी के खिलाफ छिड़ी जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। DIG एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ ने तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। ताजा मामले में, पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से दो अलग-अलग क्षेत्रों में दबिश देकर 15 नग गौ-वंशों को सुरक्षित मुक्त कराया है और एक नाबालिग सहित 5 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है।

कम्युनिटी पुलिसिंग : जब ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा – इस सफलता की पटकथा दो दिन पूर्व लिखी गई थी, जब DIG डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्वयं बल के साथ तस्करी के संभावित संवेदनशील रास्तों पर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया था। उन्होंने ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ के तहत ग्रामीणों के बीच बैठकर उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा और पशुधन की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कप्तान की इस मार्मिक अपील का असर यह हुआ कि ग्रामीणों ने ‘पुलिस के कान और आंख’ बनकर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देना शुरू कर दिया।

पहली कार्रवाई : हाथीसार के जंगलों में घेराबंदी – 15 मार्च 2026 को सिटी कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम हाथीसार के बीहड़ रास्तों से कुछ तस्कर मवेशियों को क्रूरतापूर्वक पीटते हुए झारखंड की सीमा में प्रवेश कराने की फिराक में हैं। कोतवाली प्रभारी की टीम ने तत्काल जंगल में घेराबंदी की।

  • बरामदगी : 12 नग गौ-वंश।
  • गिरफ्तार आरोपी : असरफुल कादरी (23 वर्ष, झारखंड) और शरीफ अंसारी (23 वर्ष, जशपुर)।
  • नाबालिग की संलिप्तता : इस गिरोह में एक 17 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक को भी शामिल किया गया था, जिसे बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

दूसरी कार्रवाई : तड़के सुबह चौकी आरा में दबिश : आज यानी 16 मार्च की सुबह करीब 06:00 बजे चौकी आरा पुलिस ने ग्राम गोढ़ीटोली के पास दबिश दी। यहाँ ग्रामीण तस्करों की हर हरकत पर नजर रखे हुए थे। पुलिस ने मौके से 03 नग गौ-वंश बरामद किए और दो आरोपियों को हिरासत में लिया:

  • याकूब खान (45 वर्ष, लोदाम, जशपुर)
  • सरवर आलम (38 वर्ष, लोदाम, जशपुर)

​सभी आरोपियों के खिलाफ छ.ग. कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

एक सप्ताह का रिपोर्ट कार्ड : तस्करों पर ‘हंटर’ – जशपुर पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 7 दिनों में तस्करी के सिंडिकेट पर ताबड़तोड़ प्रहार किए गए हैं :

कप्तान का संदेश : ‘जीरो टॉलरेंस’ – DIG डॉ. लाल उमेद सिंह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में किसी भी प्रकार की गौ-तस्करी या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा :

“जशपुर पुलिस ने गौ-तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। ऑपरेशन शंखनाद के तहत हमारी टीमें लगातार फील्ड पर हैं। ग्रामीणों का सहयोग हमारे लिए सबसे बड़ी शक्ति है, और हम सुनिश्चित करेंगे कि पशु क्रूरता करने वाला कोई भी अपराधी बख्शा न जाए।”

​पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य नामों की भी तलाश कर रही है। जशपुर पुलिस की इस सक्रियता से न केवल पशु प्रेमियों में हर्ष है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में खौफ के साये में रहने वाले तस्कर अब जिले से भागने को मजबूर हैं।

Ambika Sao

सह-संपादक : छत्तीसगढ़

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