धरमजयगढ़ में ‘खाकी’ पस्त, ‘चोर’ मस्त : मजिस्ट्रेट से लेकर पार्षद तक के घर सुरक्षित नहीं!…

धरमजयगढ़। शांत कहा जाने वाला धरमजयगढ़ क्षेत्र इन दिनों चोरों की शरणगाह बन चुका है। क्षेत्र में पुलिस का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि चोर अब आम आदमी तो दूर, न्याय के मंदिर और रसूखदारों के घरों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। ताज्जुब की बात यह है कि एक तरफ चोर ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धरमजयगढ़ पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
वारदातों की फेहरिस्त : जब मजिस्ट्रेट भी नहीं रहे सुरक्षित – चोरों के बुलंद हौसलों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मजिस्ट्रेट के निवास तक में सेंधमारी कर दी है। हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो:
- पूर्व पार्षद का सूना मकान : पूर्व पार्षद रविन्द्र राय के घर से चोरों ने लाखों के माल पर हाथ साफ कर दिया।
- न्यायालय परिसर से चोरी : न्याय की चौखट से नोटरी हेम प्रसाद पटेल की मोटरसाइकिल पार कर दी गई।
- एक दिन में 4 घरों के ताले टूटे : चोरों ने पुलिस की गश्त को चुनौती देते हुए एक ही दिन में चार अलग-अलग घरों में धावा बोला।
बिना वेरिफिकेशन ‘बाहरी’ लोगों का डेरा : पुलिस की ढिलाई या लापरवाही? – नगरवासियों का स्पष्ट आरोप है कि धरमजयगढ़ में बाहरी राज्यों और जिलों से आए संदिग्ध लोग अवैध रूप से डेरा डाले हुए हैं। नियमों को ताक पर रखकर मकान मालिक बिना पुलिस वेरिफिकेशन के इन्हें किराए पर कमरा दे रहे हैं।
”पुलिस को भली-भांति ज्ञात है कि कौन कहाँ से आकर संदिग्ध व्यापार कर रहा है, फिर भी कार्यवाही न होना मिलीभगत या घोर लापरवाही की ओर इशारा करता है।”
SP के कड़े तेवर भी बेअसर! – रायगढ़ पुलिस अधीक्षक (SP) के सख्त निर्देशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर पुलिस का सूचना तंत्र (Informant System) पूरी तरह फेल नजर आ रहा है। नगरवासी अब दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि जब तक पुलिस बाहरी तत्वों पर नकेल नहीं कसेगी और बिना वेरिफिकेशन मकान देने वाले मालिकों पर कड़ी कार्यवाही नहीं करेगी, तब तक ये वारदातें नहीं रुकेंगी।
प्रमुख मांगें: जो जनता प्रशासन से चाहती है
- सघन चेकिंग अभियान : नगर के सभी वार्डों में किराएदारों का तत्काल पुलिस वेरिफिकेशन हो।
- रात्रि गश्त में तेजी : पुलिस केवल मुख्य सड़कों पर नहीं, बल्कि रिहायशी इलाकों की गलियों में भी मुस्तैदी दिखाए।
- पुरानी वारदातों का खुलासा : लंबित चोरी के मामलों में जल्द गिरफ्तारी कर बरामदगी की जाए।
धरमजयगढ़ की जनता अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगा रही है। क्या खाकी अपनी खोई हुई साख वापस पा सकेगी या चोर इसी तरह कानून का मजाक उड़ाते रहेंगे?




