रायपुर

रायपुर में ‘खूनी होली’ : पुलिस का फ्लैग मार्च फेल, ग्रामीण इलाकों में तीन कत्ल और चाकूबाजी से दहला जिला…

रायपुर। राजधानी में जहां एक ओर शहर में शांति का गुलाल उड़ रहा था, वहीं ग्रामीण इलाकों की होली खून से सराबोर हो गई। आरंग, खरोरा और बरबंदा में हुई तीन नृशंस हत्याओं और तिल्दा में चाकूबाजी की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस पुलिस ने 24 घंटे पहले सड़कों पर ‘शांति’ का फ्लैग मार्च निकाला था, वह हुड़दंगियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही।

1. आरंग : बुझ गया घर का इकलौता चिराग – साहू पारा में होली की खुशियां चीखों में बदल गईं। 18 वर्षीय नीरज लोधी को हुड़दंगियों ने घेरकर चाकू से गोद डाला। नीरज अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

  • वारदात : शरीर पर चाकू के तीन गहरे घाव और सिर पर जानलेवा चोट।
  • बचाव : नीरज के दो दोस्त जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन नीरज हैवानियत का शिकार हो गया। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी खंगाल रही है, लेकिन आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर हैं।

2. खरोरा : माठ गांव में पसरा सन्नाटा – ​खरोरा थाना क्षेत्र के ग्राम माठ में भी होली का रंग लाल हो गया। यहां मोहित निषाद (18 वर्ष) की हत्या कर हमलावर फरार हो गए। एक ही दिन में दो युवाओं की मौत ने पुलिसिया गश्त और इंटेलिजेंस पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

3. बरबंदा : पुरानी रंजिश और कत्ल – बरबंदा में होली के बहाने पुरानी दुश्मनी निकाली गई। दिनेश विश्वकर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि त्यौहार पर उपद्रवियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था।

4. तिल्दा : दहशत का माहौल – तिल्दा में भी चाकूबाजी की घटना हुई, जहां एक व्यक्ति जिंदगी और मौत के बीच अस्पताल में जंग लड़ रहा है।

खाकी पर सवाल: क्या सिर्फ दिखावा था फ्लैग मार्च? – रायपुर ग्रामीण पुलिस की कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में है।

  • विफलता : जब संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती का दावा किया गया था, तो हुड़दंगी हथियार लेकर सड़कों पर कैसे घूम रहे थे?
  • आक्रोश : ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि पुलिस की सुस्ती ने अपराधियों के हौसले बुलंद किए, जिसका खामियाजा तीन परिवारों को अपने बेटों को खोकर भुगतना पड़ा।

“शांति व्यवस्था बनाए रखने के दावे कागजों और फ्लैग मार्च की तस्वीरों तक ही सीमित रह गए। हकीकत आरंग और खरोरा की गलियों में फैले खून ने बयां कर दी है।”

वर्तमान स्थिति : पूरे ग्रामीण इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

Admin : RM24

Investigative Journalist & RTI Activist

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