रायगढ़ पुलिस : ₹3000 के लालच में बहा खून, कातिल का ‘खूनी खेल’ खत्म ; “कानून का फंदा, सलाखों का सन्नाटा… कातिल राहुल यादव अब जेल के अंधेरे में!…”

रायगढ़। जिले की धरती पर जघन्य अपराध करने वालों के लिए एसएसपी शशि मोहन सिंह की पुलिस अब ‘काल’ बन चुकी है। खरसिया के परासकोल में हुए अंधे कत्ल का ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ है, जिसने उधारी के नाम पर जान लेने वालों की रूह कंपा दी है।

आधी रात, धारदार चाकू और ₹3000 का ‘खूनी’ हिसाब! महज 3000 रुपये… क्या एक इंसान की जान की कीमत इतनी सस्ती है? आरोपी राहुल यादव (20 वर्ष) ने नौकरी लगाने के नाम पर दिए गए पैसों के विवाद में अपने ही परिचित अनिल चौहान (35 वर्ष) को मौत की नींद सुला दिया।
- वारदात का खौफ : 28 फरवरी की रात, जब दुनिया सो रही थी, राहुल ने कन्या छात्रावास के पास अनिल पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। पेट और गले को बेरहमी से रेता और फिर अपनी पैशन प्रो (CG-13-V-8933) पर सवार होकर फरार हो गया।
जब ‘खाकी’ ने बिछाया जाल… पाताल से खिंच आया कातिल! पुलिस को गुमराह करने की हर कोशिश नाकाम रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह के ‘सुपर कॉप्स’ ने वैज्ञानिक तरीके से घेराबंदी की :
- पुलिस डॉग ने सुंघा खून का निशान।
- साइबर सेल ने खंगाली कॉल डिटेल्स।
- SDOP प्रभात पटेल और टीआई राजेश जांगड़े की टीम ने जब राहुल को ‘खाकी का जोर’ दिखाया, तो कातिल टूट गया और जुर्म उगल दिया।
जब्ती जो बनेगी फांसी का फंदा! पुलिस ने आरोपी के पास से वो सब बरामद कर लिया है जो उसे कोर्ट में सजा दिलाने के लिए काफी है :
- कत्ल का हथियार : वो खूनी चाकू जिससे अनिल की सांसें छीनी गईं।
- सबूत : खून से सने कपड़े और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल।
एसएसपी का ‘सख्त संदेश’ – रायगढ़ में नो एंट्री! “सुन लो अपराधी! रायगढ़ पुलिस तुम्हारी हर चाल से दो कदम आगे है। जघन्य अपराध करोगे, तो कानून का लोहा तुम्हें पिघला देगा। यहाँ अपराध की कोई जगह नहीं, सिर्फ और सिर्फ सख्त कार्रवाई होगी!” — शशि मोहन सिंह (SSP, रायगढ़)




