
फिरोज अहमद खान (पत्रकार)
बालोद। थाना बालोद के अंतर्गत देवीनवागांव में तांदुला नदी के किनारे मिली एक महिला के शव की गुत्थी सुलझाने में बालोद पुलिस ने कमाल दिखाया। कई दिनों तक गांव में डेरा डालकर साइबर सेल और थाना बालोद की संयुक्त टीम ने बारीकी से जांच की, जिसके परिणामस्वरूप मृतका सावित्री निषाद की हत्या का आरोपी उसका ही पति धर्मेंद्र निषाद साबित हुआ। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में टीम ने हर सुराग को परखा, जो इस सफलता का बड़ा कारण बना।

दिनांक 23 फरवरी 2026 को सूचना मिली कि ग्राम देवीनवागांव के तांदुला नदी तट पर एक महिला का शव पड़ा मिला है। खबर पाते ही वरिष्ठ अधिकारी, फोरेंसिक विशेषज्ञ, साइबर सेल कर्मी, थाना स्टाफ और डॉग स्क्वाड तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। मौके को सील कर विस्तृत जांच की गई। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका होने पर थाना बालोद में मर्ग संख्या 16/2026 और अपराध संख्या 88/2026 धारा 103 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी, जिसकी सराहना हो रही है।
प्रकरण की गंभीरता को भांपते हुए बालोद एसपी योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी बोनीफास एक्का के पर्यवेक्षण में साइबर सेल तथा थाना बालोद की विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम को विभिन्न दिशाओं में छानबीन के लिए भेजा गया। शव की शिनाख्त ग्राम देवी नवागांव निवासी सावित्री निषाद के रूप में हुई। परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि मृतका लंबे समय से मानसिक रूप से पीड़ित थी। वह अक्सर बिना बताए मायके दुर्ग चली जाती थी। घटना से ठीक एक-दो दिन पूर्व ही वह ससुराल वापस लौटी थी।

पुलिस टीम ने गांव में कई दिनों तक कैंप लगाकर हर कोने की तलाशी ली। मुखबिरों का जाल बिछाया, तकनीकी साक्ष्य संग्रहित किए और हर पहलू पर नजर रखी। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने व्यक्तिगत रूप से टीम को निर्देशित कर जांच को गति दी, जिससे संदिग्धों पर नजर तरेर रखी गई। जांच के दौरान मृतका के पति धर्मेंद्र निषाद (उम्र 41 वर्ष) पर शक का घेरा कस गया। शुरुआती पूछताछ में वह टालमटोल करता रहा, मगर तकनीकी प्रमाणों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के दबाव में सख्ती बरतने पर उसने हत्याकांड कबूल कर लिया।
आरोपी ने कबूलनामे में बताया कि घटना वाले दिन उसकी पत्नी ने घरेलू कामकाज नहीं किया। छोटी बेटी भूखी ही स्कूल चली गई, जिससे वह गुस्से से भर गया। पत्नी घर से निकल गई तो वह उसे तांदुला नदी किनारे ढूंढता पहुंचा। गुस्से में उसने पुरानी साड़ी को चीरकर रस्सी जैसा बनाया और सावित्री का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। लोगों को भ्रमित करने के इरादे से उसने शव के सिर व गले पर स्कार्फ लपेट दिया, ताकि मामला दुर्घटना का लगे। फिर खेतों के रास्ते चुपचाप घर लौट आया।

धर्मेंद्र निषाद पिता गंभीर राम निषाद, निवासी देवीनवागांव, थाना बालोद, जिला बालोद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। इस सफल जांच से ग्रामीण इलाके में पुलिस की सक्रियता का उदाहरण स्थापित हुआ है। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा की भूमिका सराहनीय रही, जिन्होंने टीम को एकजुट रखा। पुलिस ने अपील की है कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें।
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक योगेश सिन्हा, दूर्योधन यादव, भुनेश्वर मरकाम, विवेक शाही, रुमलाल चुरेन्द्र, आरक्षक भोपसिंह साहू, राहुल मनहरे, विपिन गुप्ता, आकाश दुबे, पुरन देवांगन, संदीप यादव, आकाश सोनी, गुलझारी साहू, मोहन कोकिला, संजय सोनी, उमेश निषाद, महिला आरक्षक लक्ष्मी पटेल, योगेश पटेल एवं मिथलेश यादव सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।




